जामताड़ा
राज्यभर में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन कार्य चल रहा है. इसे लेकर जामताड़ा प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में सुबह से ही महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. हालांकि इसे लेकर स्थिति अववस्थित दिखी. पंचायत भवनों में गर्मी और उमस के बीच महिलाएं घंटों कतारों में खड़ी रहने को मजबूर हैं. कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर पहुंची हैं, जिन्हें पेयजल, बैठने की व्यवस्था और छाया के अभाव में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. दूर-दराज के गांवों से आई महिलाओं ने बताया कि चिलचिलाती धूप में पैदल चलकर आने के बाद यहां घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे कई महिलाएं चक्कर आने और बेचैनी की शिकायत कर रही हैं.

महिलाओं की मांग वार्ड स्तर पर कैंप लगाकर किया जाए सत्यापन
अव्यवस्था से परेशान लाभुक महिलाओं और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सत्यापन प्रक्रिया में बदलाव की मांग की है. महिलाओं का कहना है कि सत्यापन कार्य पंचायत मुख्यालय के बजाय प्रत्येक वार्ड स्तर पर कैंप लगाकर किया जाए. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की जाएं. पंचायत भवनों में पेयजल, पंखे और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. ग्रामीणों के अनुसार, यदि वार्ड स्तर पर कार्य होता है, तो महिलाओं को लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी और भीड़ कम होने से कार्य अधिक व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकेगा. इधर, पंचायत कर्मियों का कहना है कि वे सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं. प्रतिदिन उमड़ रही भारी भीड़ के कारण प्रक्रिया में समय लग रहा है, फिर भी प्रयास किया जा रहा है कि कोई भी पात्र महिला सत्यापन से वंचित न रहे.
