बानेश्वर महतो/सरायकेला-खरसावां:
चांडिल में करोड़ों की लागत से अनुमंडलीय अस्पताल का भवन बनकर तैयार है और उद्घाटन के इंतजार में है। अत्याधुनिक मेडिकल सुविधाओं से युक्त 50 बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर, जांच लैब, प्रसव कक्ष, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के लिए क्वार्टर भी बने हैं। हालांकि, गांगुडीह में बनकर तैयार इस अस्पताल का उद्घाटन नहीं होने की वजह से पुराने और जर्जर भवन में ही अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। गौरतलब है कि चांडिल अनुमंडल अस्पताल का शिलान्यास वर्ष 2008 में तात्कालीन विधायक सुधीर महतो ने किया था। अस्पताल का निर्माण पूरा करने की मियाद 2012 तय की गई थी, लेकिन विभाग द्वारा प्राक्कलन राशि कम देने का हवाला देकर इसका निर्माण ससमय पूरा नहीं किया गया था।
लोगों को नहीं मिल रहा अस्पताल का लाभ
वर्ष 2019 में दोबारा भवन निर्माण शुरू कराने और मरम्मती की निविदा निकाली गई। मुख्यमंत्री के हाथों शिलान्यास किया गया था। हालांकि, अस्पताल भवन का निर्माण तब भी पूरा नहीं कराया जा सका। वर्ष 2023 में ईचागढ़ की विधायक सविता महतो के प्रयासों से अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू कराया गया। अब अस्पताल बनकर तैयार है, लेकिन लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

अस्पताल के संचालन से इन्हें सर्वाधिक लाभ
गौरतलब है कि चांडिल अनुमंडल इलाके में चांडिल धनबाद राष्ट्रीय राजमार्ग-32 का करीब 30 किमी और टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग-33 का करीब 55 किमी हिस्सा जुड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां अक्सर सड़क हादसे होते हैं, लेकिन घायलों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। स्थानीय सीएचसी के चिकित्सक प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को जमशेदपुर के MGM अस्पताल में रेफर कर देते हैं। यदि चांडिल अनुमंडल अस्पताल का संचालन शुरू होता है तो घायलों को गोल्डन ऑवर में इलाज मिल सकेगा।
सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह की राय
सरायकेला-खरसावां के सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह ने बताया कि चांडिल अनुमंडल अस्पताल की बिल्डिंग भवन निर्माण विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है। जिले के उपायुक्त और स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव को पत्र लिखकर उद्घाटन करने का आग्रह किया है और भवन का उद्घाटन होते ही अस्पताल का संचालन शुरू हो जाएगा। चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की कमी को लेकर सिविल सर्जन ने कहा कि उसकी कमी तो पूरे राज्य में है। अभी जो स्वास्थ्य कर्मी हैं, उनके द्वारा ही अनुमंडल अस्पताल का संचालन होगा।
स्थानीय आशुदेव महतो ने कहा कि अस्पताल का संचालन जितनी जल्दी शुरू होगा, उतना बढ़िया है। मरीजों को समुचित इलाज मिल सकेगा। अभी मरीजों को रांची या फिर जमशेदपुर ले जाना पड़ता है जो काफी दूर है। मरीजों की जान को खतरा हो सकता है। उम्मीद है कि अस्पताल का संचालन जल्दी शुरू होगा ताकि स्थानीय लोगों को उचित इलाज मिल सके। उन्हें बाहर नहीं जाना पड़े।