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नक्सलवाद की चुनौतियां कमजोर हुई, संगठित व साइबर अपराध पर पर भी नकेलः DGP

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द फॉलोअप, रांची
राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस पर आम लोगों, पुलिसकर्मियों को शुभकमाना देते हुए कहा है कि झारखंड पुलिस ने अपने अदम्य साहस, वीरता, पेशेवर रणनीति और निरंतर अभियान के बल पर राज्य में नक्सलवाद की चुनौती को काफी हद तक कमजोर किया है। जवानों के समर्पण, बलिदान और सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष-2026 के माह-जनवरी से माह-अगस्त (दि०-05.08.2026) तक राज्य में कुल-103 नक्सलियों को गिरफ्तार किया, (जिसमें मुख्य रूप से झारखण्ड सरकार द्वारा 01 करोड़ ईनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा शामिल है) 46 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया तथा 22 नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गए (जिसमें मुख्य रूप से झारखण्ड सरकार द्वारा 01 करोड़ ईनामी केंद्रीय कमेटी सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी शामिल है)। इसके अतिरिक्त कुल-98 हथियार, 7470 कारतूस, 11 कि०ग्रा० विस्फोटक पदार्थ, 03 आई०ई०डी० एवं करीब 06 लाख रूपये लेवी की राशि बरामद की गई।


डीजीपी ने कहा कि आज हम सभी यह संकल्प लें कि अपने देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और गौरव की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहेंगे। हम अपने राष्ट्र को स्वच्छ, सुरक्षित, शिक्षित, समृद्ध एवं सशक्त बनाने के लिए पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। समाज में शांति, सद्भाव, भाईचारा एवं आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करते हुए साइबर अपराध, नशाखोरी, संगठित अपराध तथा अन्य सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूकता फैलाएंगे। हम संविधान एवं कानून के प्रति पूर्ण आस्था रखते हुए राष्ट्रहित और जनहित को सर्वोपरि मानेंगे तथा एक सशक्त, सुरक्षित और विकसित भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

संगठित अपराध

झारखंड पुलिस संगठित अपराध के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत खुफिया तंत्र, आधुनिक तकनीक और एजेंसियों के समन्वय से प्रभावी कार्रवाई करते हुए वर्ष 2026 के माह-जनवरी से जुलाई तक संगठित आपराधिक गिरोह के कुल-193 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया एवं उनके पास से कुल-63 हथियार एवं 274 गोली बरामद कर जप्त की गई साथ ही संगठित अपराधिक गिरोह के कुल-50 अपराधियों के विरूद्ध CCA की कार्रवाई की गई है।

मादक पदार्थ
झारखण्ड पुलिस मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, प्रभावी अभियान और जनजागरूकता के माध्यम से नशा तस्करी पर अंकुश तथा युवाओं को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वर्ष 2026 के माह-जनवरी से जून तक अवैध मादक पदार्थ के प्रयोग / व्यापार में संलिप्त कुल-710 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया तथा विभिन्न प्रकार के अवैध मादक पदार्थों को भी जप्त किया गया। मादक द्रव्य का प्रयोग एवं व्यापार की इस क्षेत्र में सार्थक प्रयास हेतु झारखण्ड पुलिस प्रतिबद्ध है।

साईबर अपराध

झारखंड पुलिस द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। राज्य में साइबर अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कई गिरोहों का पर्दाफाश कर अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है। वर्ष 2026 के माह-जनवरी से जून तक साईबर अपराध में संलिप्त कुल-486 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया तथा 17 लाख से अधिक रूपये के साथ कई अवैध वस्तुएँ बरामद कर जप्त की गई। पीड़ितों के खाते में जप्त राशि को वापस कराये जाने तथा साईबर अपराधियों के विरूद्ध झारखण्ड पुलिस द्वारा कार्रवाई किया जा रहा है।

पुलिस आधुनिकीकरण से संबंधित

दिनांक-13.03.2026 को  मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन द्वारा आधुनिक पुलिस वाहनों का लोकार्पण किया गया। झारखण्ड पुलिस को 636 चार पहिया वाहन (महेंद्रा बोलेरो), 849 दो पहिया वाहन (TVS अपाची) प्राप्त हुआ जिससे कानून-व्यवस्था, त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया एवं जनसुरक्षा और अधिक सुदृढ़ हुआ है। ERSS (Emergency Response Support System) के अंतर्गत DIAL-112 में माह-जनवरी में प्रतिवेदित 16 हजार शिकायतों में पुलिस का Average Response Time 09 मिनट 41 सेकंड था। तदोपरांत, माह-जुलाई में प्रतिवेदित 23 हजार शिकायतों में पुलिस का Average Response Time 09 मिनट 12 सेकंड है जो यह दर्शाता है कि शिकायतें बढ़ने के बाद भी झारखण्ड पुलिस का Average Response Time काफी बेहतर हुआ है।


पुलिस कल्याण

झारखंड पुलिस अपने पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध एवं तत्पर रहती है। वर्ष 2026 के माह-जनवरी से जुलाई तक पुलिस मुख्यालय स्तरीय झारखण्ड पुलिस सहाय्य एवं कल्याण कोष से कुल-1007 लाभान्वितों को 3 करोड़ 69 लाख रूपये, चतुर्थवर्गीय कर्मचारी कल्याण कोष से कुल-42 लाभान्वितों को 11 लाख 99 हजार रूपये एवं झारखण्ड पुलिस शिक्षा कोष से कुल-9443 लाभान्वितों को 11 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही झारखण्ड पुलिस परोपकारी कोष से पुलिस पदाधिकारियों / कर्मियों के कुल 737 आश्रितों को सहायता हेतु लगभग 3 करोड़ 93 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। पुलिसकर्मियों के कुल-153 आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति दी गई है। इसके अतिरिक्त दिनांक-04.08.2026 को पुलिस मुख्यालय स्तरीय अनुकंपा समिति की बैठक हुई, जिसमें कुल 84 मामलों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति हेतु योग्य पाया गया है। वीरता पदक प्राप्त कुल-37 पुलिस पदाधिकारी /कर्मियों को पारी से बाहर प्रोन्नति प्रदान की गई है। वितंतु संवर्ग (Wireless) के 11 पुलिस अवर निरीक्षक को पुलिस निरीक्षक एवं 03 सहायक पुलिस अवर निरीक्षक को पुलिस अवर निरीक्षक कोटि में प्रोन्नति प्रदान की गई है। आयुधिक संवर्ग (Armour) के 10 आयुधिक अवर निरीक्षक को आयुधिक निरीक्षक एवं 24 हवलदार को आयुधिक अवर निरीक्षक कोटि में प्रोन्नति प्रदान की गई है। झा०स०पु० के कुल-201 हवलदारों को अ०नि० (स) की कोटि में प्रोन्नति प्रदान की गई है। इसके अलावे 970 पुलिस पदाधिकारियों को ए०सी०पी०/एम०ए०सी०पी० की स्वीकृति की कार्रवाई की गई है।


 

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