रांची
भाजपा राज्यभर में पिछले एक सप्ताह से पानी और बिजली की समस्या को लेकर सड़कों पर उतरकर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है। दरअसल बीजेपी झारखंड सरकार पर आरोप लगा रही है कि इस सरकार का जनहित से कोई सरोकार ही नहीं है। झारखंड की जनता पानी और बिजली की भीषण संकट से त्राहिमाम कर रहे हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में माथे पर मटकी लेकर जोरदार आक्रोश प्रदर्शन कर बीजेपी का कहना है कि राज्य सरकार को कुंभकर्णी निद्रा से जगाने को लेकर पार्टी आंदोलनरत है। इसी क्रम में मंगलवार को राजधानी रांची में भाजपा रांची जिला के संयुक्त तत्वावधान में बिजली-पानी संकट को लेकर जिला स्कूल मैदान, शहीद चौक से जिला समाहरणालय तक घड़ा फोड़ आक्रोश प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जिला समाहरणालय का घेराव कर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में रांची महानगर, रांची पूर्वी एवं रांची पश्चिमी जिलों के हजारों की संख्या में महिला पुरुष कार्यकर्ता शामिल हुए और सड़कों पर हेमंत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। आक्रोश प्रदर्शन में मुख्य रूप से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, रांची विधायक सीपी सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यदुनाथ पांडेय मौजूद थे।

जनता की गाढ़ी कमाई से इंजीनियर का बेटा हिमालया के पानी से स्नान करता है
इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में भीषण जल संकट और लगातार हो रही बिजली कटौती से आम जनता का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है, जिसके चलते लोगों का आक्रोश अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। भाजपा सदैव जनता के हक, अधिकार और मूलभूत सुविधाओं की लड़ाई मजबूती से लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। साहू ने चेतावनी दिया कि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं होने पर भाजपा का यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर हजारों-हजार की संख्या में सड़कों पर उतरकर कार्यकर्ता झारखंड बंद कराने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता देवता होती है जो गद्दी पर बैठाना जानती है तो वह गद्दी से कान पकड़कर उतारना भी जानती है। आज काफी गर्मी के बावजूद सड़कों पर उतरी यह भारी भीड़, राज्य सरकार के नाकामियों के प्रति जनाक्रोश का प्रतीक है। लोगों का गुस्सा और आक्रोश रांची की सड़कों पर दिखा है। सरकार के लोग एसी में बैठ कर जनता की परेशानी का मजा उठा रहे हैं। लगता है कि सरकार और प्रशासन के कान की जाली फट चुकी है, इसलिए जनता की आवाज इन तक नहीं पहुंच रही है। लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि जो जनता सड़कों पर चिल्ला रही है इन लोगों के घरों में घुसकर उनकी कान की जाली लगाने का काम भी करेगी। इस बेरहम सरकार को जनता की आवाज को सुनना ही पड़ेगा। झारखंड ही एक ऐसा राज्य है जहां इस राज्य की जनता की गाढ़ी कमाई से एक इंजीनियर का बेटा हिमालया के पानी से स्नान करता है। झारखंड की जनता की गाढ़ी कमाई को हेमंत सरकार ने पूरी कैबिनेट के साथ बंगाल और असम राज्य में चुनाव के दौरान उड़ाने का काम किया है। जिन पैसे से जनता को पानी बिजली देना था झारखंड सरकार ने उस पैसे को चुनाव प्रचार में खर्च किया।

बीजेपी के नेतृत्व में इस राज्य में अगली सरकार
वहीं आदित्य साहू ने आश्वस्त किया कि झारखंड में जब विधानसभा चुनाव होगा, कांग्रेस, राजद और झामुमो को मुंह की खानी पड़ेगी। बीजेपी के नेतृत्व में इस राज्य में अगली सरकार बननी तय है। बीजेपी सेवा भाव से काम करती है। बीजेपी झारखंड के करोड़ों नागरिकों की परेशानी को यूं ही नहीं देख सकती है। इसी कारण राज्य भर के जिलों में बीजेपी कार्यकर्ता और महिलाएं माथे पर घड़ा लेकर इस चिलचिलाती धूप में प्रदर्शन कर सरकार को जगाने का काम कर रही है। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना झारखंड में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। जिस पैसे से घर-घर में पीने का पानी पहुंचाने की योजना थी उसे यह सरकार डकार चुकी है। हजारों करोड़ रुपए बैंक में भी पड़े हुए हैं लेकिन नल से जल योजना पहुंचाने की इच्छा शक्ति सरकार में कतई नहीं है। नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी सभी वर्ग की चिंता करते हैं जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस के समर्थन से चल रही है झारखंड सरकार नरेंद्र मोदी द्वारा भेजे गए पैसे की बंदरबांट में लगी हुई है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि केवल रांची ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में पानी और बिजली की भारी दुर्दशा है। भारत सरकार ने ₹5000 करोड़ से अधिक की राशि नल से जल योजना के लिए देने का काम किया लेकिन घोटालेबाजों द्वारा सारे पैसे खा लिए गये। झारखंड सरकार घोटालेबाजों की सरकार है। यहां बिजली की भारी किल्लत है, पूरी अराजकता फैली हुई है। राज्यभर में किसान, मजदूर, आम नागरिक पूरी तरह त्रस्त हैं। यह सरकार सभी का दोहन कर रही है। आज का यह आंदोलन सांकेतिक हैं, सुधार नहीं किया गया तो जनता सर फोड़ना भी जानती है। जब तक समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि संघर्ष के रास्ते पर चलकर पश्चिम बंगाल की तरह झारखंड सरकार को भी उखाड़ फेंका जाएगा।
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मुंगेरी लाल के हसीन सपने
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में पानी और बिजली की गंभीर समस्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन शासन-प्रशासन का इस ओर कोई ठोस ध्यान नहीं है। आम जनता बिजली-पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए परेशान है और सरकार केवल तमाशबीन बनी हुई है। जनता को राहत देने के बजाय राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियों से लगातार मुंह मोड़ रही है। भाजपा जनता की आवाज बनकर इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और हर घर तक पानी पहुंचाने और बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए संघर्ष जारी रखेगी। इस सरकार ने जनता को केवल मुंगेरी लाल के हसीन सपने दिखाने का काम किया है। इस सरकार के सारे वादे फिसड्डी साबित हुए। झारखंड का शासन-प्रशासन केंद्र की मोदी सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जा रही राशि का समुचित उपयोग करने में भी पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। यही कारण है कि महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन जैसी कई योजना झारखंड में फ्लॉप होने की कगार पर पहुंच गई है। इसके अलावा कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यदुनाथ पांडेय, विधायक सीपी सिंह, महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, रांची पूर्वी जिला अध्यक्ष विनय महतो, रांची पश्चिमी जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक राम कुमार पाहन, आरती सिंह, शशांक राज, आरती कुजूर, काजल प्रधान, कमाल खान, सुबोध सिंह गुड्डू, सूरज चौरसिया,प्रतुल शाहदेव ,सत्य नारायण सिंह, मनोज मिश्रा, के. के गुप्ता, सुरेंद्र महतो, बलराम सिंह, जितेंद्र वर्मा, मनोज चौधरी, सत्यदेव मुंडा, सुधाकर चौबे, राकेश भास्कर, संदीप वर्मा, शोभा यादव, कृपाशंकर सिंह, संजय जयसवाल, ललित ओझा, सीमा सिंह,अरुण झा, सुनील साहू, राजू सिंह, वीणा मिश्रा, संकेत तिवारी, रेखा महतो, अर्चना सिंह, विनय राज, हरेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह,दिलीप सेठ, माधुरी देवी,अनुराधा मुंडा,रणधीर चौधरी, रामकुमार दुबे, विंध्याचल महतो ,सुषमा देवी, शत्रुघ्न साहू, चूड़ामणि महतो, संजीत सिंह, गोपाल महतो, अणिमा लकड़ा, पायल सोनी सहित सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष कार्यकर्ता मौजूद रहे।