पलामू :
Plamu News: शिवाजी मैदान से कचहरी तक भाजपा की ओर से निकाली गई पदयात्रा को लेकर पलामू में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के पलामू जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सिन्हा ने भाजपा की पदयात्रा पर पलटवार करते हुए पूर्व विधायक आलोक चौरसिया से उनके पांच साल के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों का हिसाब मांगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा नेताओं को जनता के बीच जाने से पहले अपने कार्यकाल की उपलब्धियां बतानी चाहिए।

महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर भाजपा को घेरा
राजेन्द्र प्रसाद सिन्हा ने कहा कि देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और युवाओं के भविष्य को लेकर जवाब मांग रही है। लेकिन भाजपा इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय राजनीतिक प्रदर्शन और प्रचार में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि जनता के सवालों का जवाब देना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।

आलोक चौरसिया से पांच विकास कार्यों का मांगा हिसाब
JMM जिलाध्यक्ष ने पूर्व विधायक आलोक चौरसिया पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने उन्हें लगातार तीन बार विधायक चुना। इसके बावजूद पलामू के विकास के लिए उनके कार्यकाल में किए गए पांच ठोस कार्यों की जानकारी जनता को मिलनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पत्रकारों ने पांच विकास कार्यों के बारे में पूछा था, तब जवाब नहीं मिल पाया, तो अब भाजपा किस उपलब्धि के आधार पर जनता के बीच सवाल उठा रही है?

पदयात्रा से नहीं, जनता के जीवन में बदलाव से साबित होता है विकास
राजेन्द्र प्रसाद सिन्हा ने कहा कि पदयात्रा निकालना आसान है, लेकिन जनता के सवालों का सामना करना मुश्किल है। विकास केवल अखबारों में तस्वीरें छपवाने या भीड़ जुटाने से साबित नहीं होता, बल्कि इसका वास्तविक प्रमाण आम जनता के जीवन में आए बदलाव से मिलता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का जवाब जनता के सामने देना चाहिए।

मैया सम्मान और अबुआ आवास योजना का किया जिक्र
JMM जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार की मैया सम्मान योजना और अबुआ आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार जरूरतमंद परिवारों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने भाजपा से इन योजनाओं पर राजनीति करने के बजाय अपने कार्यकाल का हिसाब देने की मांग की।
जनता अब जनप्रतिनिधियों से पूछ रही सवाल
राजेन्द्र प्रसाद सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी ताकत है। अब जनता अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछ रही है और हर जनप्रतिनिधि को अपनी उपलब्धियों का जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि जनता के सवालों से बचने के बजाय जनप्रतिनिधियों को अपने काम का हिसाब देना चाहिए।