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Ranchi : सरकार के पास अलाउद्दीन का चिराग नहीं, जिससे निकल जिन्न बोलेगा- क्या आदेश है मेरे आकाः आशा लकड़ा

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रांचीः
झारखंड विधानसभा में आज राज्य का बजट पेश किया गया। बजट को लेकर विपक्ष में नाराजगी है। इसी क्रम में  भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री सह रांची की मेयर डा. आशा लकड़ा ने भी बजट पर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का बजट सिर्फ और सिर्फ झूठ का पुलिंदा है। पिछले दो वर्षों से राज्य सरकार तिजोरी खाली होने का हवाला दे रही है और बजट में बड़ी-बड़ी योजनाओं की बात की जा रही है। बजट में यह प्रावधान ही नहीं किया गया है कि इन बड़ी-बड़ी योजनाओं के लिए फंड कहां से आएंगे। लगता है राज्य सरकार ने अलादीन का चिराग हासिल कर लिया है, जिसे रगड़ते ही जिन्न निकलेगा और पूछेगा, बताएं मेरे आका, मेरे लिए क्या आदेश है?


अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी 
 बजट में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की बात की है, जबकि अधिकांश अस्पतालों में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है। इसी प्रकार, जिस राज्य में पिछले दो वर्षों से बच्चे स्कूल नहीं गए, उन्हें स्मार्ट क्लास की सुविधा देने की बात कही है। सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए योग्य शिक्षकों की आवश्यकता है। राज्य के अधिकांश जिलों में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, जिसे पूरा करने की आवश्यकता है। जिस राज्य में ऑनलाइन शिक्षा के लिए मोबाइल दान करने का अभियान चलाया गया, वहां राज्य सरकार स्मार्ट क्लास की सुविधा देने की बात कर रही है, जो हास्यास्पद है। 


शराब के ठेके में व्यस्त है सरकार 
आशा लकड़ा ने कहा कि जाम की समस्या के लिए इनर सर्कुलर रोड व कई फ्लाइओवर की योजनाएं रघुवर सरकार के कार्यकाल में ही प्रस्तावित किए गए थे, जिसे हेमंत सोरेन की सरकार अपनी विकासशील सोच बाता रही है। स्थानीयता व भाषाई विवाद से ही राज्य सरकार की कुंठित विचारधारा जनमानस के सामने प्रदर्शित हो चुकी है। हेमंत सोरेन की सरकार राज्य के विकास को छोड़ शराब के ठेके व अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग में ही व्यस्त है। राज्य की जनता भी यह समझ चुकी है कि जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन की सरकार में अब दरार पड़ चुकी है और धीरे-धीरे यह दरार बढ़ती जा रही है।