logo

अर्जुन मुंडा कल फ्लाइओवर नामकरण को लेकर शिबू सोरेन के नाम पर जताई थी आपत्ति, आज दिया है ट्वीट कर स्पष्टीकरण

arjun_munda12.jpg

द फॉलोअप डेस्क

अर्जुन मुंडा बीते कल रांची के रातू रोड फ्लाइओवर के नामकरण को लेकर शिबू सोरेन के नाम पर आपत्ति जताई थी। दरअसल बीते कल उद्घाटन समारोह में पहुंचे अर्जुन मुंडा ने अपने भाषण में फ्लाइओवर का शिबू सोरेन के नाम पर होने से आपत्ति जताई थी। वहीं आज उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि "किसी भी संस्थान का नामकरण, विशेष रूप से ऐसे संस्थान जहां शिक्षा या प्रशिक्षण प्रदान किया जाता हो, यदि किसी प्रेरणादायक जीवित व्यक्ति के नाम पर होता है तो ऐसे नाम से वहां अध्ययन या प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलती है। वहीं किसी स्थान, सड़क अथवा फ्लाईओवर जैसे सार्वजनिक संरचना का नामकरण महान विभूतियों के नाम से किये जाने से हम सभी को उनके योगदान के बारे में जानने का मौका मिलता है और लोग उन्हें स्मरण करते हैं। सबसे पहले इन दोनों के अंतर को समझना होगा"।
उन्होंने आगे लिखा "इसलिए संस्थान के नामकरण अगर जीवित व्यक्ति के नाम पर हो तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है लेकिन किसी स्थान, सड़क अथवा फ्लाईओवर का नामकरण जीवित व्यक्ति के नाम पर  हो तो इसपर मेरी आपत्ति है"।

बता दें कि कल केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रातू रोड फ्लाईओवर का उद्घाटन किया था। उद्घाटन से पहले फ्लाईओवर के नामकरण को लेकर कई मांगें सामने आई थीं। झामुमो और कांग्रेस ने इसे पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के नाम पर रखने की मांग की थी। इसी संदर्भ में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने बयान देते हुए कहा था कि दीशोम गुरु शिबू सोरेन की तबीयत खराब है और वे उन्हें अस्पताल में देखकर भी आए हैं। उन्होंने शिबू सोरेन के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आज फ्लाईओवर का उद्घाटन किया है। कुछ लोग इसके नामकरण को लेकर शिबू सोरेन के नाम की मांग कर रहे हैं, जिस पर उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें फ्लाईओवर का नाम किसी के भी नाम पर रखने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन शिबू सोरेन के नाम पर रखने की मांग करना गलत है। उन्होंने कहा कि जब किसी संस्था या स्थान का नामकरण किया जाता है, तो उसे स्मरण करने के लिए किया जाता है। जीवित व्यक्ति के नाम पर इस तरह की मांग करना, ऐसा प्रतीत होता है जैसे किसी जीवित व्यक्ति के फोटो पर माला चढ़ाना।

उन्होंने आगे कहा कि जो लोग ऐसी मांग कर रहे हैं, उनका दिमाग खराब हो चुका है। संबंधित दलों को इस पर ध्यान देना चाहिए, विशेषकर उन व्यक्तियों को लेकर जिन्होंने झारखंड के लिए संघर्ष किया है। ऐसी मांग करने की बजाय शिबू सोरेन के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करनी चाहिए। अर्जुन मुंडा ने कहा कि इस प्रकार के बयान देना और छिछोरापन करना बिल्कुल गलत है।

Tags - jharkhand news jharkhand latest news jharkhand update jharkhand trending news Jharkhand khabar arjun munda ratu road flyover shibu soren ratu road flyover news arjun munda news