द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा प्रखंड के उदल बनी पंचायत में पंचायत भवन के जीर्णोद्धार कार्य को लेकर ग्रामीणों ने आज जमकर विरोध प्रदर्शन किया। निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाते हुए लोगों ने काम को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया है। बता दें यह जीर्णोद्धार कार्य जिला परिषद विभाग की ओर से लगभग 10 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा कार्य एस्टीमेट के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। जहां दीवारों पर पहले प्लास्टर कर उसके बाद रंग-रोगन किया जाना था, वहां बिना प्लास्टर किए ही रंग कर दिया गया है। जिन स्थानों पर टाइल्स लगाया जाना था, वहां टाइल्स की जगह केवल चुना और रंग लगाकर काम को पूरा दिखा दिया गया। इसके अलावा भवन में वायरिंग का कार्य अधूरा रहते हुए भी रंग-रोगन कर दिया गया है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर अब तक कार्य संबंधी सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है। उनका कहना है कि काम शुरू होने के बाद से विभाग के कनीय अभियंता या अन्य अधिकारी एक बार भी जांच के लिए स्थल पर नहीं पहुंचे हैं। इससे ठेकेदार और विभाग के बीच मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। शिकायत करने पर ठेकेदार द्वारा ग्रामीणों को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
शनिवार को ग्राम प्रधान अशोक पंडित समेत अन्य ग्रामीण निर्माण स्थल पर पहुंचे और घटिया निर्माण कार्य का विरोध करते हुए काम बंद करा दिया। ग्राम प्रधान ने कहा कि जब तक एस्टीमेट के अनुसार गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं कराया जाएगा, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की। मामले की जानकारी मिलते ही विभाग के एसडीओ विमल कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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