दुमका:
दुमका के जिरुवाडीह में हुई अंकिता हत्याकांड (Ankita murder) मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन कर लिया गया है। जांच की निगरानी एसपी करेंगे। दुमका जोन के डीआईजी एसपी मंडल ने (DIG SP Mandal) उक्त आशय की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि दुमका में 12वीं की छात्रा की हत्या मामले में जिले के पुलिस अधीक्षक अंबर लकड़ा (SP Amber Lakra) की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है। गौरतलब है कि विपक्ष द्वारा लगातार, जांच के लिए एसआईटी का गठन किए जाने की मांग की जा रही थी। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी और पूर्व सीएम रघुवर दास ने भी एसआईटी जांच की मांग की थी।
Jharkhand | 10- member SIT constituted for investigation; evidence being collected by the forensics team. The case will be supervised by the Superintendent of Police. This a serious case: SP Mandal, DIG Dumka on Class 12 girl death case pic.twitter.com/1pALyT0zWH
— ANI (@ANI) August 30, 2022
हो रही थी मामले की एसआईटी की जांच की मांग
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने भी सोमवार को ट्वीट कर जानकारी दी थी कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जांच की निगरानी करेंगे। उन्होंने मृतक अंकिता के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा भी दिया। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता (Banna Gupta) ने कहा कि दोषी को स्पीडी ट्रायल के जरिए अविलंब फांसी की सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। इस बीच एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री ने माना कि सरकार से चूक हुई।

23 अगस्त को अंकिता पर हुआ था जानलेवा हमला
गौरतलब है कि दुमका के जिरुवाडीह में रहने वाली 17 वर्षीय अंकिता 12वीं में पढ़ती थी। पड़ोस में रहने वाला शाहरुख नाम का युवक उसे परेशान किया करता था। दोस्ती करने का दवाब बनाता था। बात नहीं मानने पर जान से मारने की धमकी देता था। आरोप है कि घटना से एक दिन पहले भी उसने अंकिता को मार डालने की धमकी दी थी। 23 अगस्त की सुबह शाहरुख ने अंकिता पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी अंकिता को रिम्स (रांची) में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। अंकिता हत्याकांड को लेकर पूरे देश में आक्रोश देखा जा रहा है।