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SIR : 1.63 करोड़ मतदाताओं को नहीं जमा करने होंगे दस्तावेजः के रवि कुमार

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द फॉलोअप, रांची
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को वर्ष 2026 की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत स्वयं एवं पैतृक मैपिंग का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई दी है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में झारखंड के बीएलओ की एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि बीएलओ के अथक परिश्रम और समर्पण के कारण वर्ष 2026 की मतदाता सूची में शामिल लगभग 1.63 करोड़ मौजूदा मतदाताओं को किसी भी प्रकार का दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इन मतदाताओं को केवल विधिवत भरा एवं हस्ताक्षरित प्री-फिल्ड गणना फॉर्म तथा हालिया रंगीन फोटो जमा करनी होगी, जिससे उनका नाम प्रारूप और अंतिम मतदाता सूची में शामिल रहेगा।

उन्होंने बताया कि मौजूदा मतदाताओं की वर्ष 2003 की एसआईआर मतदाता सूची अथवा अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पिछली एसआईआर सूचियों से स्वयं एवं पैतृक मैपिंग की गई है। इसका उद्देश्य उन मतदाताओं की संख्या को न्यूनतम करना है, जिन्हें सत्यापन अवधि के दौरान अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं। के. रवि कुमार ने कहा कि कुछ चुनौतियों के बावजूद बीएलओ ने अपनी कार्यकुशलता और चुनावी प्रक्रिया के गहन ज्ञान का परिचय दिया है। उन्होंने बताया कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भी अपने झारखंड दौरे के दौरान बीएलओ के कार्य और उनकी दक्षता की सराहना की थी।

शेष अनमैप मतदाताओं की स्वयं एवं पैतृक मैपिंग का दूसरा और अंतिम चरण 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। ऐसे मतदाता, जिनका या उनके माता-पिता का नाम झारखंड के बाहर किसी पूर्व एसआईआर मतदाता सूची में दर्ज रहा है, उन्हें संबंधित विवरण बीएलओ को उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल सीमित संख्या में ऐसे मौजूदा मतदाताओं और नए मतदाता बनने के इच्छुक नागरिकों को ही दस्तावेज जमा करने होंगे, जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई है। इनकी सूची 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित की जाएगी और संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) द्वारा व्यक्तिगत नोटिस भी भेजा जाएगा।

विभाग के अनुसार एसआईआर प्रक्रिया को प्रवासी श्रमिकों, राज्य से बाहर पढ़ रहे छात्रों तथा अस्थायी रूप से बाहर रह रहे मतदाताओं के लिए भी सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया है। वे परिवार के सदस्यों, बीएलओ ऐप, ईसीआईनेट या ‘बुक-ए-कॉल’ सुविधा के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इससे मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को अधिक पारदर्शी, सुलभ और मतदाता हितैषी बनाने में मदद मिलेगी।

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