गुमला
जिले की पुलिस को जाली नोटों के गोरखधंधे पर करारा प्रहार करते हुए एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक सफेद रंग की अर्टिगा कार से ₹1,30,000 मूल्य के नकली नोट बरामद किए हैं और इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के रहने वाले हैं।
गुमला के पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग नकली नोट लेकर गुमला से जशपुर की ओर सफेद कार में रवाना हुए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (चैनपुर) ललित मीणा के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल गठित किया गया। इस दल ने रायडीह थाना गेट के पास बैरिकेडिंग कर वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान गुमला की ओर से आ रही एक सफेद अर्टिगा (नं. JH01EE 0585) अचानक बैरिकेडिंग देखकर पीछे भागने लगी, लेकिन पुलिस की तत्परता से उसे चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया गया।

कार से बरामद हुआ काला बैग, अंदर छिपे थे जाली नोट
कार की तलाशी लेने पर पिछली सीट पर एक काले रंग का बैग मिला, जिसमें कागज में लिपटा हुआ ₹500 के नोटों का बंडल रखा था। पहली नजर में नोट असली जैसे लगे, लेकिन बारीकी से जांच में वे नकली पाए गए। कुल 260 नोट बरामद हुए, जिनकी कीमत ₹1,30,000 है। साथ ही, ₹500 के पांच असली नोट भी मिले।
गिरफ्तार युवकों की पहचान सुधन राम यादव, गोस्वामी चौहान और दिलीप कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे इन जाली नोटों को भीड़भाड़ वाले बाजारों में असली नोटों के साथ मिलाकर चलाते थे।

मोबाइल और नकली नोट जब्त, जांच जारी
पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और बरामद जाली नोटों को जब्त कर लिया है। तीनों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। इस ऑपरेशन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चैनपुर ललित मीणा, रायडीह थाना प्रभारी कुंदन कुमार सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक अजय यादव, गुमला QRT टीम और रायडीह थाना के रिजर्व गार्ड शामिल थे। गुमला पुलिस की यह कार्रवाई नकली नोटों के अवैध नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
