रांची
झारखंड में सहायक आचार्य (कक्षा 6 से 8 – विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान) की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद में अब पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हस्तक्षेप किया है। उन्होंने इस संबंध में राज्यपाल संतोष गंगवार को पत्र लिखकर परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की है।
रांची में जेईटीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने रघुवर दास से मुलाकात की थी। छात्रों ने आरोप लगाया कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में परसेंटाइल आधारित नॉर्मलाइजेशन लागू कर कई अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण होने के बावजूद असफल घोषित कर दिया गया, जो नियुक्ति नियमावली और पारदर्शिता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।

'योग्य अभ्यर्थियों से रिक्तियां भरने की मांग'
पूर्व मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में छात्रों ने मांग की कि सभी रिक्त पदों को नियमों के अनुसार योग्य उम्मीदवारों से भरा जाए और नॉर्मलाइजेशन के विवादास्पद प्रयोग की समीक्षा हो। रघुवर दास ने छात्रों की शिकायत को गंभीर बताते हुए राज्यपाल से आग्रह किया है कि वे मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करें। दास ने कहा कि युवा पीढ़ी के भविष्य से समझौता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है, और पारदर्शिता तथा न्याय सुनिश्चित करना सरकार और आयोग दोनों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
