रांची
रांची जिले के तमाड़ प्रखंड के हरामलोहार गांव निवासी छह वर्षीय मयंक, जो इस समय मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल में कैंसर से जूझ रहा है, अब आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज पा सकेगा। यह संभव हो सका है रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की त्वरित पहल और मानवीय हस्तक्षेप से।
मयंक के पिता गम्हरिया में कैब चलाकर किसी तरह घर चला रहे हैं। बेटे के इलाज का खर्च उनके लिए संभालना मुश्किल हो गया था। साथ ही मयंक का नाम परिवार के राशन कार्ड में दर्ज न होने के कारण आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी नहीं मिल पा रहा था।

इस मामले की जानकारी एक ट्वीट के माध्यम से डीसी रांची को दी गई। ट्वीट में मयंक की बीमारी और उसके पिता की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए राशन कार्ड और आयुष्मान योजना से सहायता की अपील की गई थी। सूचना मिलते ही डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि बच्चे का नाम राशन कार्ड में तुरंत जोड़ा जाए।
मयंक का नाम राशन कार्ड में तरंत शामिल किया गया और फिर उसका आयुष्मान कार्ड भी बनवाया गया। अब मयंक का इलाज आयुष्मान योजना के तहत हो सकेगा। यह मामला दिखाता है कि यदि प्रशासन संवेदनशील हो तो जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच सकता है। मयंक की जंग अभी जारी है, लेकिन उम्मीद की एक मजबूत किरण अब उसके साथ है।
