रांची
सावन माह में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रांची के पहाड़ी मंदिर में शीशे की किसी भी प्रकार की पूजन सामग्री के उपयोग पर रोक लगा दी गई है। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे श्रद्धालुओं को शीशे की पूजन सामग्री न बेचें और न ही उपलब्ध कराएं। साथ ही श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि पूजा के दौरान शीशे या अन्य धातु (मेटल) की वस्तुओं का उपयोग करने से बचें। रविवार को पहाड़ी मंदिर पहुंचकर उपायुक्त ने सावन की तैयारियों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
मंदिर परिसर में विकास कार्यों का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पहाड़ी मंदिर परिसर और आसपास चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंदिर तक जाने वाली सीढ़ियों के मार्ग, शौचालय निर्माण, सीढ़ियों पर श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, रास्तों में बिछाए जा रहे पेवर ब्लॉक, विद्युत आपूर्ति, पेयजल सुविधा सहित अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों और मंदिर समिति के सदस्यों को निर्देश दिया गया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं।
श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए : डीसी
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि सावन के दौरान लाखों श्रद्धालु पहाड़ी बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, इसलिए दर्शन, पूजा और अन्य व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पहाड़ी बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। इस अवसर पर एसडीओ कुमार रजत, सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह तथा पहाड़ी मंदिर समिति के सदस्य मौजूद रहे।