द फॉलोअप/ रांची:
झारखंड के शहरों में वायु प्रदूषण को कम करने की कोशिशों का असर अब दिखाई देने लगा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 की रैंकिंग में धनबाद ने राज्य में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। वहीं, राजधानी रांची धनबाद से पीछे रही, जबकि जमशेदपुर को दोनों शहरों की तुलना में कम अंक मिले हैं। देशभर में इस सर्वेक्षण में लखनऊ ने पहला स्थान हासिल किया है।

धनबाद 18वें, रांची 27वें स्थान पर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सोमवार को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणाम जारी किए। दस लाख से अधिक आबादी वाले श्रेणी-1 के शहरों की सूची में झारखंड से धनबाद, रांची और जमशेदपुर को शामिल किया गया था। रैंकिंग में धनबाद ने 174.5 अंक हासिल कर देशभर में 18वां स्थान प्राप्त किया। राजधानी रांची 162.5 अंकों के साथ 27वें स्थान पर रही। वहीं, जमशेदपुर 147.3 अंकों के साथ 36वें पायदान पर रहा। इस तरह राज्य में धनबाद की हवा सबसे बेहतर और जमशेदपुर की स्थिति सबसे कमजोर रही।
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लखनऊ ने हासिल किया पहला स्थान
देशभर की रैंकिंग में लखनऊ की हवा सबसे साफ पाई गई। दस लाख से अधिक आबादी वाले श्रेणी-1 के शहरों में लखनऊ ने 200 में से 198 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं, लगातार आठ वर्षों तक शीर्ष स्थान पर रहने वाला इंदौर 197 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली 21वें और मुंबई 28वें स्थान पर रही। बिहार की राजधानी पटना 178 अंकों के साथ 16वें स्थान पर रही। इस श्रेणी में कुल 48 शहरों को शामिल किया गया था।
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राउरकेला और कलिंग नगर भी टॉप पर
तीन लाख से 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों को श्रेणी-2 में रखा गया है। इस श्रेणी में ओडिशा के राउरकेला ने 200 में से 198.5 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं, तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों को श्रेणी-3 में शामिल किया गया है। इस श्रेणी में ओडिशा के कलिंग नगर ने 198.5 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया।
108 शहरों में PM10 का स्तर हुआ कम
CPCB के अनुसार, वर्ष 2017-18 की तुलना में 2025-26 के दौरान देश के 130 शहरों में से 108 शहरों में पीएम10 यानी हवा में मौजूद बारीक धूल कणों के स्तर में कमी दर्ज की गई है। इनमें 72 शहर ऐसे हैं, जहां पीएम10 के स्तर में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। वहीं, 26 शहरों में प्रदूषण के इस प्रमुख कण के स्तर में 40 प्रतिशत से ज्यादा की कमी दर्ज की गई।
14 शहरों ने हासिल किए राष्ट्रीय मानक
स्वच्छ हवा की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच देश के 14 शहर राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों को हासिल करने में सफल रहे हैं। सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम के तहत अब तक 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 130 शहरों को प्रदर्शन आधारित अनुदान के रूप में कुल 16,425 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। इस राशि का इस्तेमाल शहरों में वायु प्रदूषण कम करने से जुड़े विभिन्न उपायों को लागू करने में किया जा रहा है।
स्थानीय निकायों की भूमिका अहम
हरित न्यायाधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि स्वच्छ हवा का लक्ष्य हासिल करना संभव है। इसके लिए बेहतर योजना बनाने के साथ-साथ उसे जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण और नई तकनीकों को अपनाने में स्थानीय निकायों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। शहरों में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई को प्राथमिकता देने की जरूरत है।