logo

जिस इंस्पेक्टर पर है हत्या का आरोप उसी को बना दिया DSP, अब जारी हुआ जांच का आदेश  

BIHAR_POLICE.jpg

पटना 

पूर्णिया से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां हत्या के गंभीर आरोप का राज छिपा रह गया और आरोपित पुलिस इंस्पेक्टर मुखलाल पासवान को डीएसपी के पद पर प्रमोशन मिल गया। मामला उजागर होने के बाद राज्य पुलिस मुख्यालय ने इस पर संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और पूर्णिया डीआईजी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
राज्य पुलिस मुख्यालय ने डीआईजी के माध्यम से पूर्णिया एसपी से पूछा है कि जब पुलिस निरीक्षक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज था, तो यह जानकारी उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज क्यों नहीं की गई? साथ ही, एसपी को निर्देश दिया गया है कि वे तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।


कैसे छिपा रहा हत्या का मामला?
मुखलाल पासवान को राज्य मुख्यालय स्तर पर इंस्पेक्टर से डीएसपी के पद पर प्रमोशन दिया गया, जबकि उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज था। पासवान ने 5 सितंबर 1994 को पुलिस निरीक्षक के रूप में नौकरी शुरू की और 8 नवंबर 1995 से 20 जुलाई 1999 तक पूर्णिया जिला बल में तैनात रहे। इसी दौरान, उनके खिलाफ बिहारीगंज थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि हत्या के मामले के बावजूद मुखलाल पासवान को पहले पुलिस निरीक्षक और फिर डीएसपी के रूप में प्रमोशन मिलता रहा। इस केस की जांच सीबीआई कर रही थी, और जब सीबीआई कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, तब जाकर राज्य पुलिस मुख्यालय ने इस पूरे मामले पर गंभीरता दिखाई।
अब प्रमोशन की जांच होगी
राज्य पुलिस मुख्यालय ने अब इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि प्रमोशन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने हत्या का मामला छिपाने में क्या भूमिका निभाई। गौरतलब है कि मुखलाल पासवान के खिलाफ 12 दिसंबर 1998 को हत्या का मामला दर्ज हुआ था, लेकिन इसके बावजूद वे लगातार तरक्की पाते रहे। उनका तबादला 4 अगस्त 2016 को विशेष शाखा, पटना में किया गया था। अब जब यह मामला उजागर हुआ है, तो राज्य पुलिस मुख्यालय ने आरोपित पुलिस पदाधिकारी की प्रमोशन प्रक्रिया की जांच के निर्देश जारी किए हैं।

Tags - Bihar Bihar News Bihar।atest News Bihar News Update Bihar News in Hindi