द फॉलोअप डेस्क
बिहार के शरजील इमाम को 2020 में हुए दिल्ली दंगा मामले में 10 दिनों की पैरोल मिली है। इस दंगे में 50 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। शरजील को इस मामले में आरोपी करार देते हुए अगस्त 2020 में गिरफ्तार किया गया था, तब से वह न्यायिक हिरासत में ही थे। करीब छह साल बाद वो जेल से बाहर आए हैं। दरअसल शरजील को अपने भाई की शादी में शामिल होने के लिए कोर्ट द्वारा राहत दी गई है। कोर्ट ने शरजील इमाम को 20 से 30 मार्च तक की पैरोल दी है। अवधि पूरी होते ही उन्हें 30 मार्च को सरेंडर करना होगा। पैरोल मिलते ही वे पटना पहुंचे और फिर अपने पैतृक घर जहानाबाद गए। सूत्रों के अनुसार, उनके छोटे भाई मुजम्मिल इमाम की शादी 25 मार्च को तय है। हालांकि इस दौरान उन्हें कोर्ट ने कई शर्तों के आधार पर यह राहत दी है।
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कोर्ट ने उन्हें सख्त कहा है कि इस मामले से जुड़े किसी गवाह या व्यक्ति से संपर्क नहीं करना होगा। जांच अधिकारी को अपना मोबाइल नंबर देना अनिवार्य है। परिवार और करीबी रिश्तेदारों तक ही मिलने की अनुमति दी गई है। यहां तक कि शरजील को सोशल मीडिया के उपयोग करने पर भी रोक लगाई गई है। वहीं इस दौरान अधिकारियों को भी कोर्ट ने अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियां पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
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पैरोल का मतलब होता है कि किसी बंदी को छोटी अवधि के लिए अस्थायी तौर पर रिहा करना ताकि वह अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों और जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए अपने परिवार और समुदाय के साथ सामाजिक संबंध बनाए रख सके। फिलहाल शरजील परिवार के साथ समय बिता रहे हैं। शादी की तैयारियों में अपनी हाथ बंटा रहे हैं।