logo

पटना की सड़कों पर 'नगर नेत्र' का पहरा, AI कैमरों से लैस गाड़ियां अब कचरा फेंकने पर काटेगी चालान 

9m0.jpg

पटना 
राजधानी पटना को स्वच्छ और स्मार्ट बनाने के लिए 'नगर नेत्र' प्रोजेक्ट की शुरुआत की जा है। इसके तहत 19 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को शहर की सड़कों पर उतारा जाएगा, जो AI  कैमरों से लैस होंगे। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने 8.95 करोड़ रुपये की लागत से इस प्रोजेक्ट को शुरु किया है। 

AI तकनीक से कटेगी ऑटोमैटिक चालान 
सरकार का कहना है कि ये गाड़ियां पटना के सभी 75 वार्डों में घूमेंगी। कचरे के ढेर, सड़क के गड्ढे, खराब स्ट्रीट लाइट और अवैध कब्जों की पहचान करेंगी। वाहनों पर 4K डैशकैम लगे होंगे, जो 110 डिग्री के वाइड एंगल पर वीडियो रिकॉर्ड करेंगे। इस डेटा का विश्लेषण 'सेंट्रल सिविक सर्विसेज ऑपरेशंस सेंटर' (C-SOC) में लगे AI इंजन द्वारा किया जाएगा। इस दौरान यदि सिस्टम को एक मीटर से बड़ा कचरे का ढेर या अवैध विज्ञापन मिलता है, तो वह खुद-ब-खुद स्क्रीनशॉट लेकर रिपोर्ट तैयार कर लेगा और तुरंत चालान कट जाएगा। कैमरों में GPS होने के कारण समस्या की सटीक लोकेशन का भी तुरंत पता चल जाएगा, जिससे मैन्युअल सर्वे की जरूरत खत्म हो जाएगी। 

डिजिटल मॉनिटरिंग और भविष्य का विस्तार
सिस्टम की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए एक विशेष एंड्रॉइड ऐप विकसित किया जाएगा, जो ठेकेदारों और फील्ड स्टाफ से जुड़ा होगा। जैसे ही AI कैमरा किसी समस्या की पहचान करेगा, संबंधित कर्मचारी के ऐप पर एक 'टिकट' जेनरेट हो जाएगा, जिसे ठीक करने के बाद उसे फोटो के साथ अपडेट करना होगा। पहले चरण की सफलता के बाद, इस सिस्टम को ट्रैफिक पुलिस और कचरा गाड़ियों से भी जोड़ने की योजना है। सरकार का उद्देश्य है कि भविष्य में इस मॉडल को बिहार के अन्य स्मार्ट शहरों में भी भी लागू किया जाए। बहरहाल इस प्रोजेक्ट के नवंबर 2026 तक पूरी तरह धरातल पर उतरने की उम्मीद है।

Tags - Nagar Netra Patna AI surveillance Patna smart city project Bihar AI cameras for challan garbage monitoring system