बिहार :
दक्षिणी राज्य केरल की राजनीति में अथिरा डी नायर अपने जोशीले भाषणों और आत्मविश्वास भरे अंदाज से चुनावी मैदान में तेजी से अपना पहचान बना रही हैं। अथिरा एनडीए पार्टी से कोट्टायम जिले के एट्टूमनूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं। अथिरा की उम्र 25 वर्ष है। उम्मीदवार अथिरा डी नायर को लेकर भाजपा समर्थक उन्हें “केरल की मैथिली ठाकुर” के तौर पर पेश कर रहे हैं। केरल में भाजपा समर्थक उन्हें “केरल की मैथिली ठाकुर” के तौर पर पेश कर रहे हैं। गौरतलब हो कि मैथिली ठाकुर ने नवंबर 2025 में बिहार के अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज कर युवा राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी। प्रचार के दौरान वह केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधती हैं। उनके भाषणों में एक अनुभवी नेता की झलक देखने को मिलती है, जो युवाओं के साथ-साथ आम मतदाताओं को भी आकर्षित कर रही है।
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दरअसल अथिरा का चयन भी अचानक हुआ। ट्वेंटी- ट्वेंटी पार्टी की पूर्व उम्मीदवार वीना नायर का नाम मतदाता सूची में नहीं मिलने के बाद पार्टी ने अथिरा को मौका दिया। यह दक्षिणपंथी विचारधारा वाली पार्टी मानी जाती है। मैथिली की ही तरह अथिरा का भी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं रहा है। बावजूद इसके वह मैदान में उतरीं। अथिरा का कहती हैं कि उन्होंने जीवन में कभी किसी चुनौती से पीछे हटना नहीं सीखा और राजनीति में भी सीखते हुए आगे बढ़ना चाहती हैं। बता दें कि अथिरा राजनीति में आने से पहले एक शास्त्रीय नृत्यांगना, कर्नाटक संगीत गायिका, एंकर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और पूर्व शिक्षिका रह चुकी हैं। कंप्यूटर साइंस में एमएससी की डिग्री रखने वाली अथिरा अब लोगों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान का दावा कर रही हैं। दक्षिणपंथी मतदाताओं पर छाप छोड़ने के लिए माथे पर चंदन का लेप है और उनके दाहिने हाथ पर संस्कृत का वाक्य 'सर्वम श्री कृष्णर्पणमस्तु' (सब कुछ भगवान कृष्ण को अर्पित है) का टैटू है। चुनावी मैदान में अथिरा का मुकाबला एलडीएफ के वी.एन. वासवन और यूडीएफ के नट्टाकम सुरेश जैसे अनुभवी नेताओं से है, जिससे एट्टूमनूर में त्रिकोणीय मुकाबला बेहद रोचक हो गया है।