द फॉलोअप डेस्क:
Bihar News: "बिहार में अपराध का कॉन्सेप्ट ही खत्म हो चुका है। अपराध है ही कहां। हां क्राइम हो सकता है। बिहार में क्राइम हो सकता है लेकिन अपराध नहीं"। यह कहना है प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) का। दुनिया में हमलोग सबकुछ देख चुके थे। बस अपराध और क्राइम का फर्क जानना बाकी था, वो भी जान लिया। जान तो लिया, लेकिन समझने की कोशिश कर रहा हूं। बिहार (Bihar) में क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। यह कॉन्सेप्ट समझने के लिए यह नहीं समझ पा रहा हूं कि इंग्लिश टू हिंदी डिक्शनरी खरीदूं। हिंदी टू इंग्लिश डिक्शनरी खरीदूं। हिंदी टू हिंदी डिक्शनरी खरीदूं कि इंग्लिश टू इंग्लिश की डिक्शनरी लूं। जबसे सम्राट चौधरी जी को सुना है, पीके से ज्यादा कन्फ्यूज हो गया हूं। समझना मुश्किल है कि मेरी हालत पीके वाली है या मुख्यमंत्री ही पीके हैं।
बिहार में “????????????????????” हो सकता है “अपराध” नहीं! मेरे प्यारे देशवासियों, ये बात ???? हत्याओं का आरोपी नमूना मोदी जी द्वारा चयनित मुख्यमंत्री कह रहा है। मंच पर बैठे ????????????/???????????? इनके साथ काम करने पर अपने आपको सम्मानित समझ रहे है या अपमानित? क्या श्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस आदमी के हाथों बिहार को बर्बाद कराने की सुपारी ले रखी है?
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) November 3, 2026
अपराध और क्राइम में आखिर अंतर क्या है!
खुद को तसल्ली देने का यही एक तरीका बचता है कि समझ लूं, मुख्यमंत्री बोल रहे हैं तो गलत थोड़ी ना बोलेंगे। मतलब उल-जलूल बोलने वाला आदमी इतने बड़े संवैधानिक पद पर थोड़ी ना बैठेगा। सीएम सम्राट ठीक बोलते हैं। हमारे यहां कोई अपराध नहीं है। ठीक ही बोलते हैं। दिनदहाड़े बैंक लूटना। सरेआम किसी को गोली मार देना। राह चलती लड़कियों को छेड़ना और मौका देखकर रेप करना। डाका डालना, चोरी करना। यह सब अपराध थोड़ी ना है। सुना नहीं आपने। मुख्यमंत्री ने कहा कि हां बिहार में क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध का कॉन्सेप्ट ही खत्म हो चुका है। क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। कोई अपराधी है ही नहीं। ठीक कहते हैं मुख्यमंत्री। अपराध नहीं क्राइम है। अपराधी नहीं, क्रिमिनल हैं। लगता है कि किसी ने मुख्यमंत्री को सलाह दी होगी। कहा होगा कि सर बात अगर अंग्रेजी में बोली जाये तो कम भयानक लगती है। इट्स जस्ट है मैटर ऑफ लैंग्वेज।

तेजस्वी यादव ने सीएम के बयान पर किया तंज
सीएम सम्राट चौधरी के इस बयान पर मैं अदना सा आदमी क्या कहूंगा। कह तो विपक्ष रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने लिखा कि बिहार में क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। प्यारे देशवासियों, यह बात 7 हत्याओं का आरोपी, मोदीजी द्वारा चयनित मुख्यमंत्री कह रहा है। तेजस्वी यादव ने सवालिया लहजे में कहा है कि मंच पर बैठे आईएएस और आईपीएस अधिकारी, इनके साथकाम करने पर अपने आपको सम्मानित समझ रहे हैं या अपमानित। क्या, पीएम मोदी ने इस आदमी के हाथों बिहार को बर्बाद करने की सुपारी ले रखी है।

सत्तापक्ष सीएम के बयान का कैसे करेगा बचाव!
वैसे सच कहूं तो जितनी तकलीफ मुझे हो रही है, यकीन है कि सत्तापक्ष के लोगों के लिए भी सीएम सम्राट के इस बयान का बचाव करना कठिन होगा। अब तो केवल एआई का सहारा है। वैसे भी भारत में राजनेताओं ने अपनी काली जुबान का ठीकरा एआई पर फोड़ रखा है। वो बिचारा एक और आरोप अपने सिर ले लेगा। मतलब क्या ही कहा जाये। मैं क्राइम और अपराध का यह अंतर सुनकर बिलकुल डिस्प्रेशन में हूं। हां भई, डिप्रेशन नहीं, डिस्प्रेशन में ही हूं।

पहले भी बेतुकी बयानबाजी कर चुके हैं सीएम सम्राट
वैसे सीएम सम्राट के बेतुकी बयानबाजी का यह पहला मामला नहीं है। पिछले दिनों जमुई समेत कई जिलों में लड़कियों के साथ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न की घटनाओं का वीडियो वायरल होने पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि यदि लड़के रील नहीं बनाते तो बच जाते। यदि उन्होंने वारदात का रील और वीडियो नहीं बनाते तो पुलिस उन्हें नहीं पकड़ पाती। यदि रील बनाएंगे तो मारे जायेंगे। तब और अब अपराध और क्राइम का अंतर समझाने में सीएम सम्राट क्या कहना चाहते हैं, शायद कोई भाषा वैज्ञानिक भी नहीं समझा पायेगा।
मेरा क्या! मैं फिलहाल डिस्प्रेशन में हूं....