द फॉलोअप डेस्क:
Bihar NDA Meeting: बिहार (Bihar) में विधान परिषद (Legislative Council) की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सभी सीटों पर जीत सुनिश्चित करने और गठबंधन के भीतर जारी मतभेदों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लोक सेवक आवास पर एनडीए (NDA) नेताओं की बैठक (NDA Meeting) बुलाई गई। दोपहर 3:30 बजे शुरू हुई इस बैठक में बीजेपी, जेडीयू (JDU) और सहयोगी दलों के सांसद, विधायक और विधान पार्षद शामिल हुए। बैठक में चुनावी रणनीति तैयार करने, गठबंधन के घटक दलों के बीच समन्वय बढ़ाने और सरकार की विकास योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर चर्चा की गई।

अनंत सिंह का अनुज सिंह को समर्थन, बढ़ सकती है गठबंधन की मुश्किल
बैठक में शामिल होने पहुंचे मोकामा विधायक अनंत सिंह ने जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन करने की बात कही। उन्होंने साफ किया कि वह अनुज सिंह को ही जिताएंगे। उनका यह बयान एनडीए के भीतर जारी खींचतान को और बढ़ा सकता है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू नेता नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी और मतभेद चर्चा में हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच विवाद को सुलझाना एनडीए नेतृत्व के लिए अहम माना जा रहा है। गठबंधन की कोशिश है कि आपसी मतभेदों का असर चुनावी नतीजों पर न पड़े।

रालोमो के विधायकों और बागी उम्मीदवारों पर भी नजर
एनडीए के सामने राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के तीन विधायकों आलोक सिंह, रामेश्वर महतो और माधव आनंद को लेकर भी चुनौती है। सारण स्नातक सीट से रालोमो के राम पुकार सिन्हा ने पार्टी से अलग होकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन किया है। नामांकन के दौरान इन तीनों विधायकों की मौजूदगी ने गठबंधन में असहजता बढ़ा दी है। वहीं, दरभंगा स्नातक सीट पर बीजेपी के आदित्य कुमार झा भी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब एनडीए के सामने अपने सहयोगी दलों को एकजुट रखने और बागी उम्मीदवारों के कारण बिगड़ सकने वाले चुनावी समीकरणों को संभालने की चुनौती है। बैठक में इसी को ध्यान में रखते हुए चुनाव प्रचार के दौरान गुटबाजी रोकने और सभी आठ सीटों पर जीत की संभावनाओं को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा की जा रही है।