Bharat Tiwari Encounter:
भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सम्राट सरकार ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए जगदीशपुर के SDO संजीत कुमार को पद से हटा दिया है। वहीं SDPO रहे डीएसपी राजेश शर्मा पर भी कार्रवाई की गई है। सीएम सम्राट ने शुक्रवार को ही भरत तिवारी के परिजन से मुलाकात की थी। उन्होंने परिजनों को न्याय दिलाने का भरोशा दिलाया। परिजनों से मिलने के कुछ घंटों बाद सीएम ने त्वरित कार्रवाई शुरु कर दी।
"स्वर्गीय भरत तिवारी जी के परिवार को न्याय मिलेगा।" pic.twitter.com/00Btrcyysl
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) July 24, 2026
सीएम ने न्याय का भरोशा दिलाया
राजेश शर्मा को गृह विभाग ने उन्हें मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो से हटाकर पुलिस मुख्यालय में पदस्थापन की वेटिंग में भेज दिया है। भरत तिवारी के परिजनों ने मुख्यमंत्री सम्राट से मिलने के बाद निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इस पर परिजनों को भरोशा दिलाते हुए सीएम ने कहा कि उन्हें जरूर न्याय मिलेगा।

बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाता था
परिजनों के मुताबिक, भरत जिले के बिलौटी गांव के पास बीते साल बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए पुनर्वास से जुड़े मामलों में आवाज उठाता था। उसका कहना था कि उच्च पद पर बैठे अधिकारी प्रभावित परिवारों के हिस्सों का पैसा गलत तरीकों से उपयोग करते हैं और उनतक नहीं पहुंचने देते हैं। इसी मामले में भरत तिवारी कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता था। उनका कहना है कि कई बार बड़े अधिकारियों की तरफ से उसको इस मामले में दूर रहने का भी कहा गया। इसी मामलों में परिजनों ने तत्कालीन जगदीशपुर एसडीओ पर कार्रवाई नहीं करने और कार्यालय में कथित मारपीट का आरोप भी लगाया था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि भरत तिवारी लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी और धमकी दे रहा था।
इसी मामले में सरेंडर करने के बाद भी भरत का एनकाउंटर किया गया। इलाज के अस्पताल में उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने सरकार से निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।