बिहार की जातिगत जनगणना (caste census) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (SC) ने बड़ा फैसला लिया है। कोर्ट ने जातिगत जनगणना के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार कर दिया। सुनवाई कर रही पीठ में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विक्रमनाथ शामिल थे। पीठ ने कहा ने कहा है कि
राजद नेता सुधाकर सिंह (Sudhakar Singh) पर सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish kumar) और पार्टी को खिलाफ भारी पड़ गया है। पार्टी ने ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। पार्टी ने यह नोटिस 17 जनवरी को देर रात भेजा है। इस नोटिस में कहा गया है कि आपके बय
नीतीश कैबिनेट (Nitish Cabinet) के मंत्रियों की जुवान इन दिनों कुछ ज्यादा ही फिसल रही है। अभी राज्य के शिक्षामंत्री द्वारा चंद्रशेखर के विवादित बयान का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब सहकारिता विभाग के मंत्री सुरेंद्र प्रसाद यादव (Surendra Prasad Yadav) ने
बिहार के सहरसा में दिल्ली के कंझावला कांड (Kanjhawala incident) को दोहराया गया है। यहां एक यूवक को एक ऑटो ने करीब डेढ़ किलोमीटर तक घसीटा (Dragged up to one and a half kilometer)। उसके बाद उसे सुनसान जगह पर फेंक कर फरार हो गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने युव
शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर सिंह (Education Minister Chandrashekhar Singh) के रामचरितमानस बयान (ramcharitmanas statement) पर सियासी उठापटक जारी है। अब इस मामले में सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। सीएम ने कहा है कि धर्म मामले में
केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे (Ashwini Choubey) सोमवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फफक-फफक कर रोने लगे। उन्हें रोता देख मीडिया के लोग भी चौक गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं आज बहुत दुखी हूं। पहले से दुखी था। चार दिनों से भूखे-प्यासे उपवास स्थल प
गंगा विलास क्रूज बिहार के छपरा से बड़ी खबर आ रही है। मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक छपरा में क्रूज के फंसने की खबरों है। क्रूज के फंसने की खबर पर अधिकारी मौके पर पहुंचे गये हैं। छपरा में सीओ और व्यवस्था की देखरेख वाली टीम में शामिल सतेंद्र सिंह ने कहा कि पर्यट
बिहार में बुधवार को राजद नेता सह शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर प्रसाद द्वारा रामचरितमानस पर दिए गए विवादास्पद बयान पर धमासान जारी है। विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष के नेता भी इस बयान को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कोर्ट में मामला पहुंच गया है। वहीं, अब फिर से एक
जेडीयू के पूर्व वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद शरद यादव नहीं रहे। उनका जन्म भले ही मध्य प्रदेश में हुआ हो लेकिन छात्र राजनीति से संसद तक का सफर उन्होंने मध्यप्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश तीनों राज्यों में तय की। तीनों ही राज्य में अपना राजनीतिक दबदबा दिखाया।
जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव का में निधन हो गया। गुरुवार रात गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वो 75 वर्ष के थे और काफी समय से बीमार थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें अस्प
मैं बिहार के सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) से अपील करता हूं कि ऐसे व्यक्ति को अपने संगठन और अपनी सरकार से बाहर करें। सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के प्रति मेरे मन में बहुत ही स्नेह है। उन्हें