अब तक झारखंड मुक्ति मोर्चा के फैसलों पर सहमति जताने वाली कांग्रेस को इस विशाल भीड़ ने एक नई ताकत दी है। अब पार्टी गठबंधन में 'छोटे भाई' की भूमिका से बाहर निकलकर बराबरी का हक मांगने और अपने सुझावों पर अड़ने की स्थिति में आ गई है।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आदिवासी अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर 30 अगस्त 2026 को रांची के मोरहाबादी मैदान में ‘आदिवासी एकता महारैली’ आयोजित की जाएगी।