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मीराबाई चानू: लकड़ियां बीनने वाली लड़की कैसे बनी ओलंपिक चैंपियन, जानिए! संघर्ष की पूरी कहानी

टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के पदकों का खाता खुला। भारत की मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में सिलवर मेडल जीतकर पदकों का खाता खोला। मीराबाई चानू सोशल मीडिया में ट्रेंड कर रही हैं। तमाम आम और खास लोग मीराबाई चानू को बधाइयां दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद

Tokyo Olympics 2020: मीराबाई चानू ने खोला पदकों का खाता, वेटलिफ्टिंग में जीता रजत पदक

भारतीय भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत को पहला पदक दिलाया है। चानू ओलंपिक वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट भी बन गई हैं। मीराबाई चानू ने 49 किलोग्राम भारवर्ग में ये खिताब जीता। इस वर्ग में चीन की होऊ जहुई ने

कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया, नॉमिनेशन के आधार पर खनन पट्टों का आवंटन अवैध

खनिज रियायत नियम, 2016 का नियम 12 क के मुताबिक पट्टों की समाप्ति, निलंबन या सरेंडर के बाद नीलामी के जरिये आवंटित हुए खदानों से न्यूनतम प्रोडक्शन या डिस्पैच नहीं होता है तो उपरोक्त नियमों में दंड लगाने का प्रावधान है,

रांची रेलवे स्टेशन से दो नाबालिग जोड़ों का रेस्क्यू, परिजनों को बिना बताए भागने की थी तैयारी

रांची में रेलवे पुलिस फोर्स ने दो नाबालिग जोड़ों को अलग-अलग मौके से पकड़ा। दोनों जोड़े अपने परिवार की जानकारी के बगैर भाग रहे थे। इनमें से एक जोड़ा ट्रेन में बैठा मिला जबकि दूसरा जोड़ा रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर बैठा मिला। गौरतलब है कि इ

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल से केरल में फंसे 32 मजदूर सकुशल झारखंड लौटे

दुमका की श्रमिक अनिता मरांडी खुश हैं। वह कहती हैं हम केरल में बहुत तकलीफ में थे। हमारा आधार कार्ड ले लिया गया था और सताया जा रहा था।

शहीद जवान के घर हजारों की चोरी, चोरों ने सोने के गहनों पर भी साफ किया हाथ

मिहिजाम थानाक्षेत्र अंतर्गत पालबगान में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया। चोरों ने सीआरपीएफ कमांडेंट प्रमोद कुमार के आवास पर हजारों रूपये की संपत्ति पर हाथ साफ कर लिया। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त घर के सभी सदस्य आसनसोल गए हुए थे। रविवार को वापस

श्रमिकों का शोषण करती है BRO! मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजनाथ सिंह के सामने उठाएंगे मामला

ऐसे कई दुर्गम इलाके है जहां झारखण्ड के प्रवासी मजदूर जाते है। कई परियोजनाओं को पूरा करने में अपनी अहम भूमिका निभाते है, लेकिन अगर किसी कारण काम के दौरान वह हादसे का शिकार हो जाते हैं तो ना ही उनको किसी प्रकार की सुविधा मिलती है और ना ही उनके आश्रितों को उ

यादें शेष: फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह की कौन सी ख्वाहिश अधूरी रह गई....

भारत के महान धावक मिल्खा सिंह का 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने पोस्ट कोविड समस्याओं की वजह से चंडीगढ़ के पीजीआई हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। मिल्खा सिंह ने अपनी जिंदगी में भारत के लिए कई पदक जीते। कहा जाता है कि पूरे करियर में मिल्खा सिंह ने कु

रील लाइफ मिल्खा ने रियल लाइफ मिल्खा सिंह के लिए किया भावुक पोस्ट, लिखा- मैं भरोसा नहीं कर पा रहा हूं....

फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर भारत के मशहूर और महान धावक मिल्खा सिंह का निधन हो गया। पोस्ट कोविड समस्याओं की वजह से चंडीगढ़ के पीजीआई हॉस्पिटल में 91 वर्षीय मिल्खा सिंह ने अंतिम सांस ली। दुनियाभर से लोग अपने-अपने तरीके से दिवंगत मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि द

थम गई फ्लाइंग सिख की स्वर्णिम उड़ान! महान धावक मिल्खा सिंह का चंडीगढ़ में निधन

फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर महान धावक मिल्खा सिंह का निधन हो गया। मिल्खा सिंह ने शुक्रवार देर रात चंडीगढ़ के पीजीआई हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। मिली जानकारी के मुताबिक पोस्ट कोविड समस्याओं के चलते मिल्खा सिंह का निधन हो गया। मिल्खा सिंह बीते महीने कोरोना

मिल्खा सिंह की बिगड़ी तबीयत ने बढ़ाई चिंता, कुछ दिन पहले ही हुआ था पत्नी का निधन

महान धावक मिल्खा सिंह की तबियत फिर से ख़राब हो गई है। बताया जा रहा है कि 91 साल के मिल्खा सिंह को गुरुवार देर रात बुखार आया और उनका ऑक्सीजन लेवल भी कम हो गया। दो दिन पहले ही वो पीजीआई चंडीगढ़ के कोरोना आईसीयू से प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट हुए थे। उनकी रिपोर्

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