किसानों को साहूकारों के चंगुल से भी मुक्ति मिल रही है। कृषि ऋण में लगातार सुधार हो रहा है। यही वजह है कि राज्य गठन के बाद से दिसंबर 2019 तक मात्र 409 करोड़ रुपए किसानों के बीच वितरित किए गए। वर्तमान सरकार द्वारा 900 करोड़ रुपए से अधिक स्वीकृत किया गया।