करम पर्व के अवसर पर डुमरी में जयराम महतो ने लोगों को संबोधित करते हुए झारखंड की संस्कृति, 'जावा की माई' के नियमों और पूर्वजों की परंपराओं को सहेजने पर बल दिया।