झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर से ऐसा सवाल खड़ा हुआ है, जिसका जवाब सिर्फ कागजों में नहीं, इंसानियत में ढूंढना होगा। पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल से सामने आई एक हृदयविदारक घटना ने सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के तमाम दावों को कटघरे मे