द फॉलोअप स्पोर्ट्स डेस्क:
महज 15 साल के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग 11 में मौके लिए अभी और लंबा इंतजार करना होगा। कप्तान श्रेयस अय्यर ने इसके संकेत दिए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने वैभव सूर्यवंशी को मौके के सवाल पर कहा कि देखिए यह महत्वपूर्ण है कि वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को इस बात के लिए हमेशा खुश होना चाहिए कि वह ड्रेसिंग रूम में हैं। वह अभी काफी युवा हैं और उनके पास मौके के लिए आगे कई साल पड़े हैं। ऐसा नहीं है कि वह टीम में आये और सीधा प्लेइंग 11 में आ गए। श्रेयस अय्यर ने कहा कि चूंकि हमारे ओपनर्स निरंतर बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने हमें वर्ल्ड कप जिताकर दिया है, तो जरूरी है कि हम उन्हें ज्यादा से ज्यादा खिलाएं।

परिस्थितियों से वाकिफ होंगे वैभव सूर्यवंशी
कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को विदेशी दौरों में सही मायने में इस बात का अंदाजा मिलेगा कि इन तरह की विकेट्स पर कैसे खेलना है। वह, जब भी भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में खेलंगे तो काफी अच्छी तरह से तैयार होंगे। उन्हें प्रेरणा मिलेगी कि ऐसी विकेट पर रन बनाना है। कप्तान ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी इस अनुभव का लाभ उठाकर बाकी युवा खिलाड़ियों को भी निर्देशित कर पाएंगे कि ऐसी कंडीशन में कैसे प्रदर्शन करना है।

आयरलैंड सीरीज से हुआ था अंतर्राष्ट्रीय आगाज
गौरतलब है कि 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को पहली दफा आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया था। उन्हें यहां कुछ मैचों में खेलने का मौका मिला। इसके बाद जिम्बावे के खिलाफ 3 मैचों की सीरीज में संजू सैमसन की गैरमौजूदगी में उन्होंने सारे मुकाबले खेले। एशियन गेम्स में भी उन्हें खेलने का मौका मिला। हालांकि, वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग 11 में मौका नहीं मिला। तब कोच गौतम गंभीर ने कहा था कि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ियों को प्लेइंग 11 से बाहर करना अन्यायपूर्ण होगा, जिन्होंने पिछले 2 साल में टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और टीम को वर्ल्ड कप भी जिताकर दिया है।
इंडियन प्रीमियर लीग से छा गये थे वैभव सूर्यवंशी
वैभव सूर्यवंशी बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने आईपीएल 2025 में डेब्यू किया था और अगले सीजन में टॉप स्कोरर रहकर ऑरेंज कप जीता। वह एक सीजन में सर्वाधिक छक्का लगाने वाले खिलाड़ी बने। उनका स्ट्राइक रेट भी सर्वाधिक रहा। इसके बाद ही उनको टीम इंडिया में शामिल किया गया था। हालांकि, कई विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि वैभव सूर्यवंशी को ब्रॉडकास्टर्स और सोशल मीडिया के दबाव में भारतीय टीम में चुना गया। टीम मैनेजमेंट अभी तैयार नहीं था, क्योंकि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के रहते कॉम्बिनेशन में उनकी जगह नहीं बनती। यदि, वैभव को खिलाना है तो संजू या अभिषेक में किसी को बाहर बिठाना होगा, जो मैनेजमेंट को गवारा नहीं।
गौतम गंभीर कह चुके हैं कि आयरलैंड और इंग्लैंड में संजू को बाहर बिठाना उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण फैसलों में से एक था।