द फॉलोअप टीम, दुमका:
विश्व हिंदू परिषद की शिकारीपाड़ा प्रखंड इकाई ने प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल रमेश बैस के नाम ज्ञापन सौंपा। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने झारखंड सरकार द्वारा नए विधानसभा भवन में मुस्लिमों के लिए नमाज कक्ष के वंटन के फैसले को निरस्त करने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार का फैसला असंवैधानिक है।
नमाज कक्ष का आवंटन असंवैधानिक
विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि झारखंड विधानसभा अध्यक्ष के आदेश से मुस्लिमों को नमाज कक्ष आवंटित किया गया है जो असंवैधानिक है। सर्वविदित है कि भारतीय लोकतंत्र में किसी भी राज्य के विधानसभा भवन की अपनी मर्यादा होती है। विधान सभा भवन में राज्य के विकास की नीति निर्धारण एवं विधान प्रतिस्थापित होती है तथा विकास की कार्ययोजना निश्चित होती है। विधानसभा की कार्यप्रणाली में आम जनमानस की आस्था होती है। विश्वास होता है। सदन में निर्धारित नीति, विधान एवं कार्य योजना सर्वसाधारण जनता के लिए होती है ना की किसी विशेष के लिए।

सदन धर्म और संप्रदाय से ऊपर होता है
विहिप ने कहा कि सदन किसी भी धर्म अथवा संप्रदाय से ऊपर होता है। झारखंड में वैष्णव, सरना, जैन, बौद्ध मुस्लिम, इसाई सहित कई धर्म धाराओं तथा भाषा-भाषी के लोग रहते हैं परंतु सभी धर्म धाराओं एवं भाषा भाषी के जनता को नकारते हुए सिर्फ मुस्लिमों को नमाज कक्ष देना तुष्टीकरण की पराकाष्ठा को पार करना है। झारखंड सरकार फूट डालो, शासन करो की नीति अपनाकर समाज के बीच वैमनस्यता बढ़ा रही है। उसे समाजिक विद्वेष फैल रहा है। झारखंड सरकार के गलत निर्णय के कारण जन आंदोलन प्रारंभ है। जिससे प्रदेश के विकास कार्य में अवराध हो रही है।

नमाज कक्ष का आवंटन रद्द किया जाये
विश्व हिंदू परिषद ने झारखंड सरकार से मांग की है कि लोकतंत्र के मंदिर विधानसभा उनकी महत्ता एवं गरिमा तथा सामाजिक सद्भावना को बनाए रखने हेतु झारखंड विधानसभा में मुस्लिमों को दिए गए नमाज कक्ष आवंटन को निरस्त करने की उचित आदेश निर्देश देने की कृपा करें। मौके पर विश्व हिंदू परिषद के जिला दुमका धर्माचार्य गंगाधर पाल, शिकारीपाड़ा प्रखंड अध्यक्ष तपोधन पाल, प्रखंड मंत्री ललित कुमार पाल, बजरंग दल संयोजक राहुल कुमार साहा , संपर्क प्रमुख पंकज कुमार दास, मिथुन तुरी एवं काफी संख्या में बजरंग दल एवं विश्व हिंदू परिषद के सदस्य मौजूद थे।