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झाडी में फेंकी मिली नवजात को देख जगी अनजान महिला की ममता, गोद लेने आई आगे

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द फॉलोअप टीम, बेगुसराय:
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अब सिर्फ नारा बनकर ही रह गया है। क्योंकि इसका असर रुढ़िवादी और दकियानूस लोगों पर देखने को नहीं मिल रहा है। आज भी कई  क्षेत्रों में लोग बेटी के पैदा होता ही उसे झाड़ियों में, सड़कों पर या नदी में फेंक आते हैं। ताजा मामला आया है बिहार के बेगूसराय से। जहां बेटी पैदा होने पर उसे मरने के लिए  झाड़ी में फेंक दिया गया। यह घटना भगवानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नरहरिपुर पंचायत के ताजपुर की है। उसे गोद लेने की इच्छा एक महिला ने जताई है।

रोने की आवाज सुनकर लोग जमा हुए 
लोग जब रास्ते से गुजर रहे थे तो बच्ची के रोने की आवाज सुनाई पड़ी। लोग जमा हो गए। ताजपुर निवासी काजल देवी ने भगवानपुर PHC पहुँचाया। डॉक्टरों ने जांच किया तो बच्ची का सबकुछ सामान्य निकला। काजल देवी ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई है। 

मां को दोषी ठहरा रहे लोग 
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्ची की मां ने ही उसको फेंका होगा। कुछ लोग रोष में कह रहें हैं कि आखिर वह भी तो किसी की बेटी होगी। बच्ची के परिवार को भगवन जरूर सजा देंगे। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि हो सकता है नाजायज बच्ची पैदा हुई होगी, इसलिए उसको मरने के लिए झाड़ी में फेंक दिया। कुछ लोग पिता को भी कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।