द फॉलोअप टीम, पटना:
मधुबनी के झंझारपुर कोर्ट के न्यायाधीश अविनाश कुमार अपने अनोखे फैसले के कारण चर्चा में हैं। न्यायधीश अविनाश कुमार ने एक आरोपी को अपने गांव की सभी महिलाओं के कपड़े धोने और इस्त्री करने की सजा दी है। ऐसा छेड़छाड़ के आरोपी को लगातार छह महीने तक करना है। आरोपी ललन कुमार 19 अप्रैल 2021 से जेल में बंद था। ललन कुमार पेशे से धोबी है। ललन कुमार पर आरोप है कि उसने 17 अप्रैल की रात गांव की एक महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। इसलिए जज ने यह अनोखी सजा सुनाई है।

छह महीने तक धोने है कपड़े
जज ने महिला के अपमान से जुड़े मामले को देखते हुए गांव की सभी महिलाओं के कपड़े धोने और आयरन करने की शर्त पर रेगुलर बेल दी है। जज के फैसले के अनुसार, ललन गांव की सभी महिलाओं के कपड़े छह महीने तक मुफ्त में धोएगा और उसे आयरन भी करेगा। इसके साथ ही 10 हजार रुपए के दो जमानतदार भी देने को कहा गया। कोर्ट ने जमानत की कॉपी पंचायत के मुखिया और सरपंच का भी भेजने का आदेश दिया है ताकि इस पर नजर रखी जा सके कि वह गांव में महिलाओं को फ्री सेवा दे भी रहा है या नहीं। जज के इस फैसले का गांव वाले काफी सराहना कर रहे हैं।

कई अनोखे फैसले ले चुके हैं
बता दें कि इससे पहले भी अविनाश कुमार कई ऐसे फैसले ले चुके हैं, जिसकी वजह से वह चर्चा में रहे हैं। जैसे एडीजे ने शुक्रवार को एक कुत्ते को पालने और पांच कुत्तों को एक माह तक खाना देने की शर्त पर एक मर्डर के आरोपित को बेल दी थी। उन्होंने गुरुवार को रंगदारी व मारपीट के दो आरोपितों को अनुसूचित जाति के गरीब पांच बच्चों को छह माह तक आधा लीटर दूध फ्री में देने की शर्त पर बेल दी थी।