द फॉलोअप टीम, पटना:
नीतिश कुमार की अगुवाई में बनी बिहार की नई सरकार बनने के साथ ही कई तरह के सवालों और शंकाओं का सामना कर रही है। बार-बार लोगों की निगाहें राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की ओर उठ रही हैं। दिल्ली में बेटी मीसा भारती के यहां एम्स के बाद से स्वास्थ्य लाभ ले रहे लालू से लोगों का मिलना-जुलना। उधर, वीआईपी और अवामी मोर्चा के नेताओं का अलग-अलग समय अलग-अलग बयान। इसी सप्ताह नीतिश का दिल्ली दौरा। उनके लौटने के बाद जीतन राम मांझी का दिल्ली प्रवास। और दो-तीन दिन पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के ‘गिर सकती है सरकार’ के दावे के बीच समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी के त्यागपत्र देने की ख़बर से बिहार की सियासत में खलबली मच गई है।
बोले, चपरासी तक मंत्री की नहीं सुनता
समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने मीडिया को आज बताया कि ट्रांसफर-पोस्टिंग मंत्री स्तर पर होता रहा है, लेकिन अब बिहार में अफसर यह सब कर रहे हैं। अधिकारी तो छोड़ दीजिए, मंत्री की चपरासी तक नहीं सुनता है। उनके विभाग में अधिकारियों का राज चल रहा है। अब उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। तय कर लिया है कि इस्तीफा दे देंगे। अब इस अपमान के साथ मंत्री पद पर रहना उचित नही हैं। लेकिन उन्होंने यह साफ कर दिया कि फिलहाल वो पार्टी में बने रहेंगे।
मानमनौवल का दौर जारी
अधिकारियों के मनमानी से परेशान मदन सहनी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व से उन्हें कोई परेशानी नहीं है। खबर है कि उन्हों ने इस्तीुफा देने के बाद मीडिया से बातचीत की है। उनके मान-मनव्वल के लिए सरकारी अमला और दूसरे मंत्री व नेता लग गए हैं। पत्रकारों से बात करने के बाद हालांकि वो दरभंगा चले गए हैं। जदयू विधायक शशिभूषण के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। वहीं उनके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने की बात भी कही जा रही है।