द फॉलोअप टीम, डेस्क:
65वीं बीपीएससी परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है। झारखंड के लोहरदगा जिले की रहने वाली रौशनी सिंह ने इसमें 333वां स्थान हासिल किया है। रौशनी को ये सफलता दूसरे प्रयास में मिली है। रौशनी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और बड़े पिताजी को दिया है। रौशनी बताती हैं कि उनके बड़े पिताजी शिक्षक हैं औऱ उन्होंने तैयारी में काफी मदद की। गौरतलब है कि रौशनी ने लोक सेवा आयोग की तैयारी के लिए अपनी शादी तक टाली औऱ परिवार से कहा कि वो अधिकारी बनना चाहती हैं। रौशनी ने द फॉलोअप से बातचीत में काफी बातें साझा कीं।
तैयारी से लेकर सफलता तक का सफर कैसा रहा
ये पूछने पर कि तैयारी शुरू करने से लेकर सफलता मिलने तक का आपका सफर कैसा रहा। जवाब में रौशनी बताती हैं कि इतने लंबे सफर में कई उतार-चढ़ाव आते हैं। हालांकि पूरा सफर अच्छा रहा। मैंने काफी सीखा। अपनी गलतियों की पहचान की और उसमें सुधार किया। रौशनी सिंह ने बताया कि ये मेरा दूसरा प्रयास था। मैंने पहली बार 2019 में बीपीएससी की परीक्षा दी थी। 2017 में मैं संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में भी शामिल हो चुकी हूं। तब प्रीलिम्स में सफलता मिली थी लेकिन मैंस क्लियर नहीं हुआ। रौशनी कहती हैं कि वो आगे और मेहनत करेंगी।

बतौर लड़की तैयारी में किन चुनौतियों का सामना किया
अगले सवाल में जब पूछा गया कि सुना कि आपने तैयारी के लिए अपनी शादी टाली। बतौर लड़की लोक सेवा आयोग की तैयारी में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जवाब में रौशनी कहती हैं कि मुश्किलें तो होती ही हैं लेकिन खुद में विश्वास रखना बहुत जरूरी है। किसी भी परीक्षा की तैयारी के लिए जरूरी है कि आपमें आत्मविश्वास हो। माता-पिता का सहयोग काफी अहम है, फिर दुनिया क्या कहती है वो बहुत ज्यादा मायने नहीं रखता। उन्होंने कहा कि बतौर लड़की मुश्किल तो होता ही है लेकिन आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ इच्छाशक्ति रखते हैं तो माता-पिता भी पूरा समर्थन करते हैं।
लोक सेवा आयोग की तैयारी में परिवार का सहयोग कैसा था
रौशनी बताती हैं कि उन्हें उनके माता-पिता सहित पूरे परिवार का पूरा सहयोग मिला। रौशनी बताती हैं कि उनकी सफलता में उनके बड़े पापा का भी खास योगदान है। कहती हैं कि बड़े पापा विनोद कुमार जो कि शिक्षक हैं, हमेशा मेरा सहयोग किया। मेरा उत्साह बढ़ाया। कभी भी हतोत्साहित नहीं होने दिया। रौशनी बताती हैं कि लड़कियों पर एक उम्र के बाद शादी का दवाब रहता है। लोग कहने लगते हैं लेकिन मेरे माता-पिता ने मेरा पूरा सहयोग किया। मेरा मानना है कि यदि आपमें लगन है। मेहनत करते हैं तो माता-पिता समझते हैं और पूरा साथ भी देते हैं।

तैयारी की रणनीति क्या थी? कौन सी किताबें पढीं!
ये पूछने पर कि उनकी रणनीति क्या थी। उन्होंने किन किताबों का चयन किया। रौशनी बताती हैं कि प्रीलिम्स में मुख्य रूप से इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, समसामयिक घटनाक्रम और मैथ्स वगैरह पूछा जाता है। तो इस बात को ध्यान में रखकर एनसीईआरटी की किताबों का गहन अध्ययन किया। बाकी मेरा वैकल्पिक विषय अर्थशास्त्र था। मैंने ग्रेजुएशन भी इकोनॉमिक्स से ही किया है तो उसके लिए अलग से कुछ विशेष किताबों का अध्ययन करना होगा, ताकि मेंस की तैयारी अच्छी तरह से हो पाये। समसामयिक के लिए क्या पढ़ना चाहिए। जवाब में रौशनी बताती हैं कि आमतौर पर प्रतियोगी दो तीन किताबों का अध्ययन करने लग जाते हैं जो कि कन्फ्यूजिंग हो जाता है।
करेंट अफेयर्स के लिए रौशनी ने कौन सी किताब पढ़ी!
रौशनी बताती हैं कि हमें करेंट अफेयर्स के लिए बहुत सारी किताबें पढ़ने की बजाय एक ही अच्छी किताब कई बार पढ़ने को प्राथमिकता देना चाहिए ताकि बिना किसी कन्फ्यूजन के अच्छी से अच्छी तैयारी हो सके। रौशनी बताती हैं कि करेंट अफेयर्स की तैयारी के लिए अखबार भी एक बेहतर विकल्प साबित होता है। अंग्रेजी का अखबार इसके लिए सबसे ज्यादा उपयोगी है। रौशनी बताती हैं कि उन्होंने नियमित रूप से इंडियन एक्सप्रेस का अध्ययन किया। उन्होंने बताया कि समसामयिक विषयों पर लिखा गया अच्छा आर्टिकल भी करेंट अफेयर्स की तैयारी में मदद करता है।
संत जेवियर्स कॉलेज रांची से हासिल की उच्च शिक्षा
अपनी शैक्षणिक सफर के बारे में बताती हैं कि उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा उर्सूलाइन कॉन्वेंट गर्ल्स हाई-स्कूल से हासिल की। उन्होंने 2010 में 10वीं की परीक्षा पास की। इसके बाद साल 2012 में डीएवी पब्लिक स्कूल हेहल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद संत जेवियर्स कॉलेज रांची से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया। रौशनी ने साल 2015 में ग्रेजुएशन पूरा किया। लोक सेवा आयोग की तैयारी के बीच क्या रौशनी का कोई प्लान बी था। इसके जवाब में वो बताती हैं कि वो एकेडमिक्स में जाना चाहती हैं। फिलहाल तो लक्ष्य लोक सेवा आयोग ही है। वो कहती हैं कि आगे भी बीपीएससी की परीक्षा में बैठेंगी ताकि अपनी रैंकिंग में सुधार कर सकें। इसके अलावा रौशनी झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन की भी तैयारी कर रही हैं। रौशनी संघ लोक सेवा आयोग की भी पूरी तत्परता से तैयारी कर रही हैं।
रौशनी को इंटरव्यू में किस तरह के सवाल पूछे गये थे!
बीपीएससी के इंटरव्यू में किस तरह के सवाल पूछे जाते हैं। क्या खास तैयारी करनी पड़ती है इंटरव्यू के लिए। इसके जवाब में रौशनी बताती हैं कि चूंकि उनका ग्रेजुएशन इकोनॉमिक्स से था तो ज्यादातर सवाल भी इसी से थे। उनसे भारतीय और बिहार की अर्थव्यवस्था को लेकर अधिकांश सवाल पूछे गये। कुछेक सवाल करेंट अफेयर्स से भी थे। रौशनी बताती हैं कि वैकल्पिक विषय औऱ ग्रेजुएशन के विषय की अच्छी तैयारी करनी चाहिए। करेंट अफेयर्स की तैयारी भी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि बोर्ड मेंबर में कौन लोग शामिल हैं। जिस तरह का बोर्ड मेंबर होगा, सवाल भी उसी तरह से होंगे। इसलिए इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

कई किताबों की बजाय एक अच्छी किताब को पढ़ना अच्छा!
किन किताबों का अध्ययन करना चाहिए। रौशनी बताती हैं कि सामान्य अध्ययन के लिए लूसेंट की किताब अच्छी होती है लेकिन इससे पहले कोई अच्छी किताब पढ़नी चाहिए ताकि चीजें क्लियर रखनी चाहिए। इतिहास के लिए एनसीईआरटी की किताबें काफी अच्छी होती हैं। चूंकि मेरा ग्रेजुएशन इकोनॉमिक्स से था तो मैंने कोर्स की किताबों को ही प्राथमिकता दी। पॉलिटिकल साइंस के लिए लक्ष्मीकांत की किताब को प्राथमिकता दी। भूगोल के लिए जीसी लियोंग की किताब काफी उपयोगी साबित होती हैं। रौशनी बताती हैं कि बहुत ज्यादा किताबों की बजाय किसी एक अच्छी किताब पर निर्भर रहना आपको कामयाबी के और ज्यादा पास ले जाता है इसलिए इसका ध्यान रखना जरूरी है।
लोक सेवा आयोग की तैयारी में आर्थिक हालात कितने अहम हैं!
लोक सेवा आयोग की तैयारी में आर्थिक हालात कितने मायने रखते हैं। रौशनी बताती हैं कि आर्थिक स्थिति मायने तो रखती है लेकिन यदि मन में लगन हो। मेहनत में विश्वास हो तो इसका बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। सफलता के लिए कितने घंटे की पढ़ाई जरूरी होती है। इस सवाल के जवाब में रौशनी कहती हैं कि ये ज्यादा मायने नहीं रखता, बल्कि उन घंटों में आप कितनी पढ़ाई करते हैं ये ज्यादा मायने रखता है। रौशनी कहती हैं कि मैंने घंटों के हिसाब से पढ़ाई करने की बजाय टार्गेट आधार तैयारी की। मैंने सिलेबस में ये तय किया कि मुझे इतना कवर कर लेना है। किसी खास टॉपिक को टार्गेट बनाया और उसी आधार पर पढ़ाई की, चाहे उसमें जितना भी वक्त लगा हो। रौशनी बताती हैं कि प्रतियोगियों को वन लाइनर्स में पढ़ाई करने की बजाय विषय का गहराई से अध्ययन करना चाहिए।
तैयारी के तनाव को कुकिंग और म्यूजिक से भगाती थीं रौशनी
पढ़ाई के बीच तनाव को कैसे मैनेज किया। इसके जवाब में रौशनी बताती हैं कि दोस्तों से बातचीत और परिवार के साथ वक्त बिताना तनाव को मैनेज करने में काफी मददगार साबित होता है। वे आपको विश्वास दिलाते हैं कि आप कामयाबी हासिल कर सकते हैं। अच्छे दोस्तों की संगत हमेशा अच्छी होती है। रौशनी बताती हैं कि इसके अलावा कुकिंग करके और पसंदीदा गाना सुनकर भी वो पढ़ाई के बीच खुद को रिलैक्स बनाए रखती थीं। ये सफलता के लिए जरूरी है।