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बढ़ रहे कोराना केसों के बीच गया के इंटरनेशनल सूफी कॉन्फ्रेंस के आयोजन पर उठे सवाल

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द फॉलोअप टीम, गया:
चुनाव के बाद अब बिहार में भी कोरना ने दस्तक दे दी है। सरकारी आंकड़े के मुताबिक राज्य में करीब 300 से अधिक कोराना पीड़ित मिले हैं। पटना जिले में सबसे अधिक 80 नये केस मिले हैं। पटना समेत राज्य के 34 जिलों में पॉलिटिव केस उजागर हुए हैं। दूसरी ओर गृहविभाग ने होली और शब-ए-बरात पर भीड़-भाड़ पर पाबंदी लगा दी थी। लेकिन वहीं राजधानी पटना से लगभग 100 किलोमीटर दूर गया में 3 अप्रैल को इंटरनेशनल सूफी कॉन्फ्रेंस होने जा रही है, जिसपर अब तक रोक नहीं लगाई गई है। इसको लेकर सूफी विचारधारा के ही लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।



डीएम से 17 मार्च को ही किया था रोक का आग्रह
मूलत: गया के रहने वाले फिलहाल दिल्ली में रह रहे पत्रकार व दी स्प्रिचुअल वर्ल्ड वेब पोर्टल के मॉडरेटर-संपादक टीएम ज़ियाउल हक़ ने गया डीएम अभिषेक सिंह को 17 मार्च को आवेदन मेल किया था। इसकी प्रति मुख्यमंत्री सचिवालय और गृहविभाग को भी प्रेषित की गई थी। डीएम ने पावती सूचना भी हक के व्हाट्सएप पर दी भी थी। उन्होंने अपने आवदेन में कोरोना के बढते मामले के सबब कॉन्फ्रेंस को नहीं कराने का आग्रह किया है। 


सूफियों ने दिया मानव कल्याण का पैगाम: टीएम ज़िया
टीएम ज़ियाउल हक़ सूफीवादी विचारों के माने जाते हैं। उनका कहना है कि सूफियों ने मानव कल्याण का पैगाम दिया है। लेकिन अफसोस है कि उनके ही नाम पर भीड़ जमा होने जा रही है, जिससे अकारण ही कोरना को पैर पसारने का मौका मिल जाएगा। वहीं तबलीगी जमात की तरह सूफी विचारधारा के लोगों को बदनाम किया जा सकता है। 





34 जिले कोरोना प्रभावित
बिहार सरकार की रिपोर्ट के अनुसार बेगूसराय, गया, नवादा, पश्चिम चंपारण, भोजपुर, सीवान, पूर्वी चंपारण, नालंदा, औरंगाबाद, मधुबनी, सारण, अररिया, भागलपुर, गोपालगंज, किशनगंज, मधेपुरा, मुंगेर, सुपौल, अरवल, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, बक्सर, जमुई, कटिहार, खगड़िया, पूर्णिया आदि करीब 34 जिले कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।