द फॉलोअप टीम, डेस्क:
भारत की पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविनाबेन पटेल ने टोक्यो पैरालंपिक गेम्स 2020 में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। साल 1972 से लेकर अब तक ओलंपिक या पैरालंपिक में किसी टेबल टेनिस खिलाड़ी ने कोई पदक नहीं जीता था। गौरतलब है कि फाइनल मुकाबले में भाविना को चीन की दिग्गज खिलाड़ी झोउ यिंग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि भाविनाबेन कमर से नीचे तकरीबन 90 फीसदी तक दिव्यांग हैं।

देशवासियों को समर्पित किया रजत पदक
टोक्यो पैरालंपिक्स की रजत पदक विजेता भाविनाबेन पटेल ने अपना पदक देशवासियों को समर्पित किया। भाविनाबेन ने मैच के बाद औपचारिक बयान में कहा कि मैं ये रजत पदक देश को समर्पित करती हूं। मैं अपने कोच, परिवार के सदस्यों और दोस्तों को शुक्रिया अदा करना चाहती हूं जिन्होंने मेरा निरंतर समर्थन किया और मेरा हौसला बढ़ाया। फाइनल मुकाबले में हार को लेकर भाविना ने कहा कि मैं मैच में थोड़ी नर्वस थी। मैं अपनी रणनीति को ठीक तरीके से अंजाम नहीं दे पाई। अगली बार जरूर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी। भाविना ने कहा कि मुझे खुशी है कि भारत ने पैरालंपिक में टेबल टेनिस स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। मैं काफी खुश हूं।

भाविना की जीत पर दीपा मलिक ने जताई खुशी
भाविना की जीत पर भारतीय पैरालंपिक कमिटी की अध्यक्ष दीपा मलिक ने खुशी जताई है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में दीपा मलिक ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि आज राष्ट्रीय खेल दिवस के दिन भाविना पटेल ने भारत के लिए रजत पदक जीता। मुझे उस पर गर्व है। हम चाहते हैं कि हमारे सभी एथलीट अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। मुझे आज और एक अच्छी खबर का इंतजार है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दीपा मलिक खुद भी पैरा एथलीट रही हैं। एक हादसे में कमर से नीचे पूरी तरह से विकलांग होने के बावजूद दीपा मलिक ने रियो ओलंपिक्स में स्वर्ण पदक जीता था।

प्रधानमंत्री मोदी ने भाविना पटेल को बधाई दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भाविना को रजत पदक जीतने पर बधाई दी है। पीएम मोदी ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर लिखा कि भाविना ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। भाविना पटेल ने इतिहास रच दिया। भाविना एतिहासिक रजत पदक घर ला रही हैं। इसके लिए बधाई। उनकी जीवन यात्रा प्रेरित करने वाली है। भाविना की कामयाबी औऱ अधिक युवाओं को खेलों की ओऱ आकर्षित करेगी। गौरतलब है कि भाविना पीएम मोदी के गृहराज्य से आती हैं।
The remarkable Bhavina Patel has scripted history! She brings home a historic Silver medal. Congratulations to her for it. Her life journey is motivating and will also draw more youngsters towards sports. #Paralympics
— Narendra Modi (@narendramodi) August 29, 2021
गुजरात के मेहसाणा से आती हैं भाविनाबेन पटेल
गौरतलब है कि भाविनाबेन पटेल गुजरात के मेहसाणा जिले से आती हैं। उनकी एतिहासिक जीत पर मेहसाणा में जश्न का माहौल है। मेहसाणा में पैरा एथलीट भाविना के परिवार वालों, पड़ोसियों और दोस्तों ने गरबा करके भाविना की जीत का जश्न मनाया। सबने जमकर आतिशबाजी भी की। भाविना के पिता हसमुखभाई पटेल ने कहा कि उसने हमें गौरवान्वित किया है। हम उसके लौटने का इंतजार कर रहे हैं। टोक्यो से वापस आने पर भाविना का भव्य स्वागत किया जायेगा।