पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल में जीत का जश्न अभी शुरू ही हुआ था कि कुछ ही घंटों में माहौल मातम में बदल गया। पश्चिम बंगाल के राजारहाट न्यू टाउन से भाजपा की ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले पीयूष कनोडिया के लिए नियति ने कुछ और ही लिख रखा था। रिकाउंटिंग के बाद मिली 316 वोटों की उस रोमांचक जीत को अभी 4 घंटे भी नहीं बीते थे, कि नवनिर्वाचित विधायक को अपने ही सगे भाई की अर्थी को कंधा देना पड़ा। रोंगटे खड़े कर देने वाली यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि बंगाल की चुनावी राजनीति के उस खौफनाक चेहरे को भी उजागर करती है, जहाँ जीत की कीमत जान देकर चुकानी पड़ती है।
जीत के 4 घंटे बाद वारदात
चुनाव आयोग द्वारा पीयूष कनोडिया को आधिकारिक तौर पर विजेता घोषित किए जाने के मात्र 4 घंटे बाद यह हमला हुआ। पीयूष कनोडिया ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता तापस चटर्जी को एक बेहद रोमांचक मुकाबले में पुनर्मतगणना (recount) के बाद मात दी थी।
बीजेपी का आरोप: राजनीतिक रंजिश
भाजपा नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि हार से बौखलाए विपक्षी कार्यकर्ताओं ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। मृतक स्वयं भी एक सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता थे और चुनाव प्रचार में अपने भाई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे।
इलाके में तनाव
घटना के बाद राजारहाट और न्यू टाउन के इलाकों में भारी तनाव व्याप्त है। सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।