द फॉलोअप टीम, रांची:
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव, इमारत शरीया के अमीर मौलाना वली रहमानी ने रांची में कहा है कि मुसलमानों से उनकी पहचान छीनने की कोशिश हो रही है। लोगों को परेशान करने के लिए सुनियोजित रास्ते अपनाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में हालात और मुश्किल भरे हो सकते हैं। मस्जिद-मदरसे और स्कूल-कॉलेज खोलने के लिए भी दिक्कतें आ सकती हैं। ऐसे समय सहानुभूति रखने वालों और नुकसान पहुँचाने वालों को पहचानना होगा। वो रविवार को राईन उर्दू गर्ल्स प्लस टू हाइ स्कूल में उर्दू की सुरक्षा एवं विकास के विषय पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे। आयोजन इमारत शरीया ने किया था। मौलाना रहमानी ने कहा कि उर्दू कि स्थिति बहुत ही दयनीय है! उसके हक़ के लिए पूरी रणनीति के साथ लम्बे प्रयास की जरूरत है।
शहर के लगभग सभी प्रमुख प्रबुद्ध और आलिम शामिल हुए
जलसे में मौलाना मोहम्मद अनवर कासमी काजिए शरीयत रांची, डाॅ अहमद सज्जाद , डॉ मजीद आलम, सैयद तहजीबुल हसन रिजवी, मौलाना डॉ मुफ़्ती सलमान कासमी , मौलाना मुफ़्ती नज़र तौहीद मजाहिरी, मौलाना मुफ़्ती मोहम्मद सनाउल होदा कासमी, मौलाना मुफ़्ती मोहम्मद सोहराब नद्वी, मौलाना डॉ उबैदुल्लाह कासमी, मौलाना डॉक्टर तल्हा नदवी, खुर्शीद हसन रूमी, मंजर इमाम, नेहाल अहमद, तनवीर अहमद और औरंगज़ेब खान आदि शहर के लगभग सभी प्रमुख प्रबुद्ध और आलिम शामिल हुए।
ये प्रस्ताव हुए पारित
(1) सभा का मानना है कि उर्दू की सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु झारखंड में कोई संगठित सिस्टम नहीं है अतः इन कामों को आगे बढ़ाने के लिए राज्यस्तरीय समिति "उर्दू कारवां" के नाम से बनाई जाए।
(2) उर्दू कारवां का एक प्रतिनिधि मण्डल झारखंड के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से मिलकर उर्दू के विषय में बातचीत करे और वादे के अनुसार उर्दू को राज्य की दूसरी सरकारी भाषा के तौर पर उस का आवश्यक अधिकार दिलाने का संगठित प्रयास किया जाए ।
(3) एक ऐसी कमिटी गठित की जाए जो नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का खूब अच्छी तरह विश्लेषण कर के उर्दू के विषय में मौजूद समस्याओं के हल करने का रास्ता तलाश करे।
(4) सभी स्कूलों में उर्दू के शिक्षकों को बहाल किया जाए ताकि उर्दू के पढ़ने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
(5) सभी निजी शिक्षा संस्थानों के जिम्मेदारों से अनुरोध है कि अपने-अपने शिक्षा संस्थानों में उर्दू की शिक्षा का प्रबंध करें।
(6) उर्दू भाषा की सुरक्षा एवं प्रगति के लिए हर मुस्लिम आबादी में बुनियादी दीनी मकतब का प्रबंध किया जाए जिसका व्यापक योजना इमारत शरिया ने प्रस्तुत किया है ।
(7) यह सभा सभी लोगों से अपील करती है कि सब लोग अपने अपने घरों में उर्दू बोलने, पढ़ने एवं लिखने का वातावरण बनाने का प्रयास करें ।
(8) भारत की वर्तमान परिस्थिति को देख कर लगता है कि इस समय हमें एक धर्म एवं एक समाज बन कर चलना चाहिए और आपसी मतभेद को समाप्त कर के कॉमन काउज के लिए काम करना चाहिए।