द फॉलोअप टीम, प्रयागराज:
साधु-संतों के बीच भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि बहुत महत्वपूर्ण माने जाते थे। गत दो दशक में प्रयागराज आया शायद ही कोई बड़ा नेता हो या फिर आला पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी, महंत से आशीर्वाद लेने न आया हो। अल्लापुर में बाघंबरी गद्दी मठ में लेटे हनुमानजी का दर्शन करने सभी आते रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बांघबरी मठ पहुंचते रहे हैं। लेकिन उसी मठ के एक कक्ष में महंत नरेंद्र गिरि का शव फंदे से लटका मिला है। मौके पर पहुंचे IG रेंज केपी सिंह के अनुसार पहली नजर में यह फांसी लगाकर आत्महत्या का मामला लग रहा है। फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया है। जांच-पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद ही घटना का कारण साफ हो पाएगा।

बंद मिला कमरा, तोड़ा गया दरवाजा
एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि नरेंद्र गिरी ने जिस कमरे में आत्महत्या की है। उसका दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर उनका शव निकाला गया। मठ को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। मठ के रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। जिलाधिकारी संजय खत्री आईजी केपी सिंह, डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी पहुंच गए हैं।

सल्फास खाने की भी बात आ रही सामने
मौके से सुसाइड नोट मिला है। IG रेंज केपी सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट वसीयतनामा की तरह लिखा हुआ मिला है। इसमें शिष्य आनंद गिरि का भी जिक्र है। वहीं लिखा है कि वह अपने कुछ शिष्यों के व्यवहार से बहुत ही आहत और दुखी हैं और इसीलिए वह सुसाइड कर रहे हैं। किस शिष्य को क्या देना है? कितना देना है, यह सब भी लिखा हुआ है। सल्फास खाने की भी बात सामने आ रही है। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सारी बात स्पष्ट हो पाएगी।