द फॉलोअप टीम, रांची:
बिहार की राजधानी पटना में सियासी हलचल बहुत कुछ कह रही है। आज दोपहर राजद कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जमकर लाठी भांजी हैं। वे नए पुलिस कानून, खराब कानून व्यवस्था, शिक्षा रोजगार, स्वास्थ्य को लेकर विधानसभा का घेराव करने सड़क पर उतरे थे। दरअसल राजद कार्यकर्ता नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव की अगुवाई में गांधी मैदान से निकले ही थे कि डाक बंगला चौराहे पर उन्हें आगे जाने से रोक दिया गया। कार्यकर्ताओ की संख्या काफी थी।
दोनों ओर से पहले झड़प हुई। फिर पत्थरबाजी। पानी की बौछार के बाद पुलिस बल ने लाठी चार्ज कर दिया। जिसमें कई कार्यकर्ता गंभीर रूप से जख्मीे हो गए। वहीं तेजस्वी और तेजप्रताप समेत कई विधायकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
कई गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में दाखिल
राजद कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई थी। कार्यकर्ता सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। वहीं बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश भी की गई। उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन पानी की बारिश की गई। भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की गई लेकिन यह पूरी तरह से कामयाब साबित नहीं हुई। सारे कार्यकर्ता फिर से एकजुट होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और आगे बढ़ने लगे। इसके बाद डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने रोक दिया और विधानसभा घेराव करने जा रहे लोगों पर खूब लाठियां बरसाई। कई घायलों को अस्पताल में दाखिल किया गया है।
विपक्ष कर रहा विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक को वापस लेने की मांग
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में युवा राजद ने बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, महंगाई, भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, संविदाकर्मी, शिक्षक अभ्यर्थियों की नियुक्ति सहित कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन आयोजित किया था। बता दें कि बिहार के विपक्षी दल के विधायकों ने नीतीश सरकार से बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक को वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि इस विधेयक के जरिए बिहार पुलिस को कई सारे नए अधिकार दिए गए हैं। इसमें वारंट के बिना गिरफ्तारी के साथ-साथ हिरासत में मौत के मामले पर भी पुलिस के खिलाफ गंभीर मामला दर्ज नहीं करने की बात शामिल है।