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कन्हैया कुमार की जदयू से नजदीकियां क्या गुल खिलाएंंगी

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द फॉलोअप टीम, पटना:
इधर के दशक में सबसे चर्चित छात्र और युवा नेता के रूप में कन्हैया कुमार का नाम उभरकर आता है। उनकी तर्कशक्ति के आगे अच्छे-अच्छे पानी भरते रहे हैं। यही सबब है कि 2019 लोकसभा चुनाव में भाकपा ने उन्हें  बेगुसराय से अपना प्रत्याशी बनाया। हालांकि तमाम प्रयासों के बावजूद वो जीत न सके। लेकिन उनकी स्वीेकृति बनी रही। बीच-बीच में यह भी खबर आती रही कि पार्टी नेतृत्व उनकी लोकप्रियता पचा नहीं पा रहा। कन्हैया कुमार के रिश्ते बड़े नेताओं के साथ सहज नहीं हैं। ताजा खबर यह है कि कन्हैया की निकटता बिहार के सीएम नीतिश कुमार के दल जदयू के साथ बढ़ रही है। उनकी मुलाकात जदयू नेता अशोक चौधरी से हुई है, जो नीतिश के करीबी माने जाते हैं। इसके अर्थ सियासी गलियारे में तरह-तरह से निकाले जा रहे हैं।



वामपंथी का भाजपा समर्थित सरकार में औचित्य 
कन्हैया घोषित वामपंथी हैं। जदयू के साथ दक्षिणपंथी भाजपा सरकार में हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या कन्हैया का इधर आना और रह पाना संभव होगा। जवाब भी दे रहे हैं कि जब जब मशहूर लेखक उदय प्रकाश योगी आदित्यनाथ से सम्मान ले सकते हैं, भाजपा के साथ महबूबा मुफ्ती सरकार चला सकती है, तो कन्हैया जदयू में क्यों नहीं शामिल हो सकते।

भाकपा कन्हैया के विरुद्ध ला चुकी है निंदा प्रस्ताव
कुछ दिनों पहले भाकपा के पटना कार्यालय सचिव के साथ कन्है्या की मारपीट की शिकायत मिली थी। स्थानीय नेताओं के साथ उनके रिश्ते तनावपूर्ण हैं। हैदराबाद में पोलित ब्यूरो की बैठक में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित होने की सूचना मिली थी। कुल मिलाकर कन्हैेया बहुत मुश्कि ल में हैं। लेकिन उनकी वैचारिक प्रतिबद्धता भी है। आगे-आगे देखिये कन्हैया कुमार की जदयू से नजदीकियां क्या गुल खिलाएगी।