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झारखंड कांग्रेस ने BJP के खिलाफ दर्ज करवाई प्राथमिकी, जानिए! क्या है पूरा मामला

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द फॉलोअप टीम, रांची: 
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने बुधवार का रांची स्थिति कोतवाली थाना में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई। कांग्रेस का आरोप है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के अनुसंधान विभाग का जाली लेटरहेड बनाकर बीजेपी ने झूठी और मनगढंत सामग्री छापी। कांग्रेस पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। कांग्रेस ने आवश्यक कार्रवाई की मांग की। 

डॉ. रामेश्वर उरांव के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज कराई
पार्टी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ0 रामेश्वर उरांव के निर्देशानुसार प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कानूनी धाराओं के तहत कारवाई करने की मांग की है। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, प्रदेश प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव, डा राजेश गुप्ता छोटू, अमूल्य नीरज खलखो और वरिष्ठ नेता सतीश पाल मुंजली उपस्थित थे।

कांग्रेस के लेटरहेड से बीजपी ने गलत सूचना छापी
प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष समेत अन्य व्यक्तियों ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसंधान विभाग का जाली लेटरहेड बनाया और उसके बाद उस पर झूठी और मनगढ़ंत सामग्री छापकर इसे सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित कर देश में सांप्रदायिक विद्वेष और आशांति पैदा करने, हिंसा बढ़ाने, नफरत को हवा देने तथा फर्जी खबर फैलाने का काम किया। 

मनगढ़ंत दस्तावेज साझा किये जाने का लगा आरोप
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा के इन नेताओं ने अपने-अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से इस जाली और मनगढ़ंत दस्तावेज को साझा किया। भाजपा नेताओं के इस घृणित कृत्य से विभिन्न सार्वजनिक मंचों पर भारत की छवि भी खराब हो रही है। वहीं भारत के देशभक्त नागरिकों पर जानबूझ कर आरोप लगाकर देश की छवि को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 

मामले में पुलिस की तरफ से कोई बयान नहीं आय़ा
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा नेताओं के इस कुकृत्य से भारत की छवि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खराब हो रही है। इसलिए इन सभी के खिलाफ आईपीसी और आईटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाए। पुलिस को तरफ से मामले को कोई बयान सामने नहीं आय़ा है।