द फॉलोअप टीम, पटना:
कोरोना महामारी से पूरी दुनिया परेशान है। लोग ऐसे में कोरोना का खात्मा के लिए तरह-तरह की खोज में जुटे है। इसी बीच IIT पटना के स्टूडेंट्स ने भी ऐसी मशीन तैयार की है, जिससे चुटकियों में कोरोना का सफाया हो जाएगा। मशीन को हाथ लगाए बिना ही फुल बॉडी वायरस से डिसइंफेक्टेंट हो जाएगी। मिनटों में कोरोना खत्म हो जायेगा।
डब्ल्यूएचओ द्वारा प्रमाणित है मशीन
मिली जानकारी के मुताबिक मशीन में WHO द्वारा प्रमाणित केमिकल के कॉम्बिनेशन का प्रयोग किया गया है जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। पटना AIIMS ने मशीन का ट्रायल कर लिया है और अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है तो इस मशीन का उपयोग उसमें किया जा सकता है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बिहार के सेक्रेटरी डॉ. सुनील कुमार का कहना है कि यह मशीन कोरोना को चुनौती देने वाली है। इससे लोगों को महामारी से निजात मिलेगी।

पटना AIIMS ने की है मॉनिटरिंग
इस मशीन को वरूण कुमार शाही नामक विद्दायार्थी ने अपने साथियों के साथ मिलकर बनाया है। वरूण ने बताया कि कोरोना काल से ही मशीन बनाई जा रही है, लेकिन फिर अचानक कोरोना की दूसरी लहर आ गयी, जिससे सभी साथी अपने घर चले गये। पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के कई डॉक्टर भी कोरोना संक्रमित हो गए। इसलिए वरुण ने डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए मशीन बनाने की ठान ली और पटना AIIMS के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. योगेश कुमार मदद से मशीन बना कर तैयार कर ली।
फुल बॉडी डिसइंफेक्टेंट मशीन है नाम
मिली जानकारी के मुताबिक मशीन का नाम फुल बॉडी डिसइंफेक्टेंट मशीन है। IIT पटना के वरुण ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कोरोना काल में डॉक्टरों की चुनौतियों को देखते हुए इस मशीन का आइडिया दिमाग में आया था। सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही इस मशीन को बनाया गया है। वरुण का दावा है कि मशीन पूरी तरह से ऑटोमैटिक है।

इस मशीन में ये खासियतें शामिल हैं
इस मशीन में कोई बटन नहीं है। इंसान के शरीर पर वायरस चिपका भी रहे तो इस मशीन से बचकर वापस नहीं जाएगा। मशीन के पास पॉवर है कि वायरस के DNA को तोड़ देता है। मशीन वायरस को नष्ट कर देता है 2 से 3 सेकंड में ही मशीन शरीर को फुल डिसइनफेक्ट कर देती है। वरुण ने बताया कि मशीन की आयु 10 साल है, हर 3 महीने पर इसकी सर्विसिंग होगी।
9 महीने में बनकर तैयार हुआ मशीन
मशीन लगभग 9 महीने में तैयार हुआ है। पटना AIIMS के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ योगेश कुमार ने बताया कि इस मशीन की कई विशेषताएं हैं। इसका मिस्ट काफी छोटा है, जिससे डिसइंफेक्टेंट का प्रभाव अधिक है। डिसइंफेक्टेंट टनल में जो भी मिस्ट इकट्ठा होता है वो भी डिसइंफेक्ट होकर नाले में जाता है। यह इसकी सबसे बड़ी खासियत है। यह अस्पतालों में काफी उपयोगी साबित हो सकती है। इस मशीन में ब्लोअर का इस्तेमाल किया गया है जो आंख कान नाक और मुंह को नुकसान से बचाता है।