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नीतीश कुमार के जनता दरबार से क्‍यों भगा दिए गए कई बेबस फरियादी

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द फॉलोअप टीम, पटना:
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 5 साल बाद फिर जनता दरबार की शुरुआत की है। सोमवार को मुख्यमंत्री जनता दरबार में लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं। इसके लिए पहले से ही लोगों को रजिस्ट्रेशन कराना होता है। लेकिन आज कई लोग ऐसे आये थे।  जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ था। उन्हें अधिकारियों ने अंदर नहीं जाने दिया। जिसके बाद वह फूट-फूटकर रोने लगे फरियादियों ने कहा- "बहुत दूर से आखिरी उम्मीद लेकर आए हैं, हमें मुख्यमंत्री जी से मिलने दीजिए। सब जगह दौड़ते-दौड़ते थक गए हैं, समाधान नहीं हुआ है।"



मुखिया ने गुहार लगाई दबंग मार देंगे, बचा लो साहब! 
शेखपुरा के अंबारी पंचायत के मुखिया ने गुहार लगाई दबंग मुझे गोली मार देंगे, बचा लो साहब। मुखिया सुभाष तोमड़ी पटना आये हैं। वह वह फूट-फूट कर रो रहे थे। उन्हें दबंगों से सुरक्षा चाहिए, जो उन्हें मारना चाहते हैं। सुभाष तमोड़ी कहते हैं कि दबंग उनसे विकास के पैसे को हड़पना चाहते हैं। दबंग चेक उनके नाम पर काटने का दबाव बनाते हैं। सुभाष  DM,SP, SDO सबके पास लेकर गए है। अब अंत में हारकर वह जनता दरबार पहुंचे हैं। उनको विश्वास है मुख्यमंत्री उनकी समस्या सुनेंगे । लेकिन, बिना रजिस्ट्रेशन कराए पहुंचे मुखिया जी मुख्यमंत्री जी से कैसे भेंट कर पाएंगे?



बेटी को जिन्दा जलाया 
एक फरियादी बिना रजिस्ट्रेशन के पहुंचे और कहा मेरी बेटी को इसलिए जिंदा जला दिया गया, क्योंकि ससुराल वालों को दहेज़ चाहिए था। पिछले 2 साल से महुआ थाने में केस पेंडिंग है, लेकिन पुलिस वाले सुनते ही नहीं। आरोपी केस नहीं उठाने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। मजबूर मां बाप ने कहा कि बेटी  सीमा की बड़े धूमधाम से शादी हुई थी।बेटी का पति अरविंद और उसके परिजन ने दहेज में मोटरसाइकिल नहीं मिलने पर सीमा को जला डाला। केस होने पर भी पुलिस ना तो कार्रवाई कर रही है और ना ही इस लाचार माता-पिता की ही सुन रही है।



दिव्‍यांग पहुंची फरियाद लेकर 
मुजफ्फरपुर से आई रामपुकार देवी दिव्‍यांग  हैं। हाथों के सहारे वह जनता दरबार में पहुंची हैं। पैर से लाचार हैं। इनकी शिकायत है आंगनबाड़ी सेविका के लिए 5% आरक्षण दिव्‍यांग को दिया गया है। लेकिन मुजफ्फरपुर में इसका पालन नहीं हो रहा है।  आंगनबाड़ी सेविकाओं को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। रामपुकार देवी कहती है कि आज नीतीश कुमार मिलेंगे तो उनसे पूछेंगे कि आखिर यह आरक्षण क्यों दिया था?
इस तरह कई और ना जाने कितने ही लाचार और बेसहारा लोग मुख्यमंत्री के दरवाजे तक अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। उनको पुलिस अधिकारी दरवाजे पर ही रोक रहे थे। लेकिन इन मजबूर और असहाय लोगों को आज भी विश्वास है कि मुख्यमंत्री उनकी जरूर सुनेंगे।