डी फॉलोअप टीम, रांची:
भारतीय जनतंत्र मोर्चा के अध्यक्ष धर्मेंन्द्र तिवारी ने कलाकारों पर चर्चा करते हुए कहा कि झारखंड राज्य में ललित कलाओं के कलाकारों की तरफ सरकार का ध्यान अब तक नहीं गया है। एक ओर जहां सरकार खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही हैं वहीं दूसरी ओर राज्य के मूर्ति कला, पेंटिंग ग्राफिक्स, सिरामिक्स, डिजाइन आदि कलाकारों के प्रति उदासीन रवैया अपना रही है। झारखंड गठन को 20 साल से अधिक समय हो गया है, पर इन कलाकारों को अब तक कोई मंच नहीं मिला है। इस कारण कलाकारों में निराशा की भावना घर कर गई है।
मोबाइल फोन में समय गंवा रहे युवा
धर्मेंन्द्र तिवारी ने बताया कि राज्य के कई युवा ललित विद्या में एमएफए की डिग्री हासिल कर के भी बेरोजगार बैठे हुए है, उनके पास रोजगार नहीं है। संयुक्त बिहार के समय प्रत्येक सरकारी स्कूलों में ललित कला के शिक्षक हुआ करते थे, जो बच्चों को मूर्तिकला, पेटिंग इत्यादि की शिक्षा प्रदान कर उनका सर्वांगीन विकास करते थे। कला एवं संस्कृति की शिक्षा के अभाव में आजकल के बच्चे मोबाईल के माध्यम से सोशल मिडिया, काल्पनिक दुनिया में अपना बहुमूल्य समय व्यर्थ कर रहे है। राज्य के प्रत्येक सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों में ललित कला शिक्षक की नियुक्ति होने से बच्चे आत्मनिर्भर बन पायेंगे और उनमें स्वरोजगार एवं उद्यमिता की ओर उनकी ऊर्जा का सार्थक प्रयोग होगा जिससे देश एवं झारखंड को काफी नौतिक लाभ होगा।

कला के संरक्षण से कला का विकास होगा
उन्होंने कहा कि राज्य में अनगिनत पर्यटन स्थल है, यदि राज्य सरकार चाहे तो कलाकारों का सहयोग प्राप्त कर उनका सौन्दर्यीकरण कर सकती है जिससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा, रोजगार बढ़ेगी और सरकार एवं स्थानीय लोगों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। राज्य के हर जिले में आर्ट गैलरी का निर्माण होना चाहिए। जिसमें राज्य के सभी कलाकार अपनी बनाई हुए कलाकृतियों का प्रदर्शन कर सके व उन्हें बेच सकें। राज्य सरकार को समय-समय पर स्थानीय कलाकारों को सम्मान के साथ स्कॉलरशिप भी दिया जाना चाहिए।

कलाकारों को मिले प्रतिभा दिखाने का मौका
राज्य में ललित कला अकादमी का गठन करते हुए आड्रे हाउस जैसे धरोहर का संरक्षण करते हुए वहां पर समय-समय पर कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने हेमंत सरकार से मांग की है कि राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों में ललित कला के शिक्षक की नियुक्ति करें। राज्य के हर जिले में आर्ट गैलरी का निर्माण करे। राज्य के वरिष्ठ कलाकारों को उचित सम्मान के साथ मानेदय दें।