द फॉलोअप टीम, दिल्ली:
बीते कुछ वर्षों में भारत की सरकार ने सेना के मजबूत बनाने में ध्यान केंद्रित किया है। अत्याधुनिक हथियारों को सेना के तीनों अंगों में शामिल किया गया है। 1 साल पहले फ्रांस निर्मित अत्याधुनिक राफेल फाइटर प्लेन को भारतीय वायुसेना का हिस्सा बनाया गया। हाल ही में अत्याधुनिक पंनडुब्बी आईएनएस बेला का जलावतरण विशाखापत्तनम में किया गया। इस बीच इस्त्राइस से एक अत्याधुनिक फीचर वाला सर्विलांस ड्रोन भी सेना में शामिल किया गया जिसे पूर्वी लद्दाख में तैनात किया जाना है।
अमेठी के कोरवा में होगा उत्पादन
इन सबके बीच भारत में रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के अमेठी जिला स्थित कोरवा में एके-203 असॉल्ट राइफल के उत्पादन की योजना को मंजूरी दी है। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यहां 5 लाख से ज्यादा असॉल्ट राइफल्स का उत्पादन किया जायेगा। गौरतलब है कि भारत को ये एके-203 असॉल्ट राइफल रूस से खरीदा है। कुल साढ़े सात लाख राइफल्स की खरीद की गई है जिनमें से 5 लाख का उत्पादन अमेठी में होगा।

एके-203 की खासियत कमाल है
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 7.62 X 39mm कैलिबर AK-203 3 दशक से भी ज्यादा समय से भारतीय सेना में शामिल इन-सर्विस इंसास राइफल्स की जगह शामिल किया जायेगा। गौरतलब है कि नये एके-203 असॉल्ट राइफल की रेंज 300 मीटर तक है। इसका वजन काफी कम है जो इस्तेमाल करने में आसान होगा। पूरी तरह से ऑटोमैटिक ये हथियार भारतीय सैनिकों की युद्ध क्षमता बढ़ाएगी।
भारत और रूस की संयुक्त परियोजना
भारत सरकार ने बताया कि ये परियोजना संयुक्त उद्मम इंडो-रूसी पाइवेट लिमिटेड द्वारा कार्यान्वित की जायेगी। गौतलब है कि इसे भारत के तात्कालीन ओएफबी (अब एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड और मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड) और रूस के रोसोबोरोनएक्सपोर्ट और चिंता कलाश्निकोव के साथ मिलकर बनाया गया था। ये सैन्य क्षमता में इजाफा करेगा।