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फुटपाथ से लाए बच्चों के लिए सजाई जा रही सतरंगी छत, उनके सपने को मिली उड़ान

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द फॉलोअप टीम, रांची:
आपने सड़कों पर अक्सर भीख मांगते, खिलौना बेचते, कचरा चुनते या  फुटपाथों पर रात गुजारते बच्चों को देखा होगा। सरकार ने उनके दर्द को महसूस किया है। बेसहारा बच्चों के लिए काम करने वाली संस्थाे रेनबो होम्स के साथ राज्य सरकार ने एमओयू किया है। रांची में दो शेल्टर होम शुरू किए गए हैं। एक लड़कियों के लिए और एक लड़कों के लिए। यहां बेसहारा बच्चों को सतरंगी छत ही नहीं मिली है, बल्कि उनके इंद्रधनुषी सपने भी सच होने जा रहे हैं। ऐसे बच्चों में घर कर गई नशे की लत से भी मुक्ति दिलाई जा रही है।



लालमणि और प्रकाश की जिंदगी में आए बदलाव
ऐसे ही दो बच्चे हैं, लालमणि और प्रकाश। इनके नाम बदले हुए हैं। इनकी कहानी बताते हैं। प्रकाश एक प्रतिभाशाली छात्र था। पर गलत संगत की वजह से उसे नशीली दवाओं की उसे लत लग गई। नशे के  बाद फुटपाथ पर ही वह सो जाता था। जब प्रशासन को पता चला तो प्रकाश को बरियातू स्थित रेनबो लाया गया। उसके शरीर की जांच कराई गई। जांच में प्रकाश के शरीर का वजन कम होने के अतिरिक्त अन्य गतिविधियां सामान्य थीं। उसके अतीत को जानने पर पता चला कि उसका पिता नशे के आदी हैं। वे अपने परिवार की देखभाल नहीं कर सकते। ऐसे में प्रकाश भी नशे की चपेट में आ गया। प्रकाश को इस दलदल से निकलने में रेनबो उसका साथी बना। अब प्रकाश रेनबो होम को ही अपना घर मानता है। जबकि लालमणि रांची के पहाड़ी मंदिर के सामने भीख मांगती थी। रेनबो होम्स की लीड मैनेजर चंपा ने बताया कि लालमणि के पिता हर शाम उससे ड्रग्स खरीदने के लिए सारे पैसे छीन लेते थे। लालमणि को रेनबो होम लाया गया। जहां लालमणि सरकार के सहयोग से  अधिकारी बनने के लिये सभी जतन  कर रही है। 



बच्‍चों को दी जा रही हर तरह की सुविधा
बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पौष्टिक फूड चार्ट तैयार किए जाते हैं। भोजन की उपलब्धता के साथ-साथ हर बच्चे की स्वच्छता की भी देखभाल की जाती है। हर त्योहार के लिए कार्यक्रम आयोजित होते हैं। नृत्य प्रतियोगिता, पेंटिंग या गायन गतिविधियों में बच्चे भाग लेते हैं। इससे उनके आत्मविश्वास क्षमता में सुधार करने में मदद मिलती है। ऐसे केंद्रों के संचालन के लिए सरकार ने फंड मुहैया कराया है। रेनबो होम्स को बिजली और पानी की आपूर्ति,  वॉशरूम जैसी सभी बुनियादी सुविधाओं से पूर्ण किया गया है। ड्रॉप आउट बच्चों को राज्य सरकार द्वारा संचालित ब्रिज कोर्स योजना की सुविधा मिल रही है। 



सरकार ने संक्रमण काल में रखा विशेष ध्यान 
मार्च 2020 के दौरान जब राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाया गया तो रांची जिला प्रशासन ने रेनबो होम्स को आवश्यक खाद्य आपूर्ति के साथ ही साथ चॉकलेट, नूडल्स पैकेट, बिस्कुट इत्यादि उपलब्ध कराए। हाल ही में मिशन 1 मिलियन स्माइल की एक पहल के तहत, जिला प्रशासन ने दोनों रेनबो होम्स के बच्चों के बीच मोजे, कंबल, टोपियां जैसे गर्म कपड़े वितरित किए । लड़कियों के बीच मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए केंद्र में सैनिटरी नैपकिन भी प्रदान किए गए। इस तरह आखों में कई सपने लिए सड़कों पर घूमते ऐसे बच्चों के लिये सरकार की यह योजना सही मायने में बच्चों को इन्द्रधनुषी सपने संजोने और उसे पूरा करने के लिए आत्म विश्वास का संचार कर रही है।


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