द फॉलोअप टीम, रांची:
प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव और डा राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के व्यापक दभाव, सोशल मीडिया पर स्पीक अप फोर फ्री यूनिवर्सल वैक्सीनेशन कैंपेन पर 130 करोड़ जनता का मिला व्यापक समर्थन और सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणियों के बाद आखिर जनता को फ्री वैक्सीन मिलने जा रही है। सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी के पिछले दो महीने से लगातार प्रधानमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते रहने के उपरान्त कल प्रधानमंत्री ने फ्री वैक्शीनेशन की घोषणा की है।
बढ़ती मंहगाई के विरुद्ध कांग्रेस करेगी आंदोलन
प्रवक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, सरसों तेल, दाल सहित बढ़ती महंगाई को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमिटी डा रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में आन्दोलन करेगी। कोरोना महामारी के दौरान भले ही हम सड़कों पर निकलकर आन्दोलन नहीं कर सकते हों लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से, वर्चुअल धरना व विरोध प्रदर्शन, महामहिम राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के समक्ष एवं अन्य माध्यमों से भी प्रदेश कांग्रेस कमिटी बढ़ती महंगाई को लेकर आन्दोलन करेगी। पिछले 13 महीनों में पेट्रोल 24.90 और डीजल के मूल्य 23.09 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं। 2014 में कच्चे तेल की कीमत जब 108 रुपये प्रति बैरल हुआ करती थी तब यूपीए शासनकाल में पेट्रोल ₹71.51 पैसे प्रति लीटर और डीजल ₹55. 49 पैसे प्रति लीटर उपलब्ध हुआ करता था।
7 साल में अनर्गल टैक्स
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पेट्रोल और डीजल पर 7 साल में अनर्गल टैक्स लगाकर 22 लाख करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है जबकि पिछले 7 सालों में कच्चे तेल 20 रुपये से 65 रुपये प्रति बैरल के नीचे आ गया। यहां तक कि एक बार तो 10 रुपये प्रति बैरल तक कच्चे तेल की कीमत हो गई थी इसके बावजूद देश की जनता को कोई फायदा नहीं मिला उल्टे पेट्रोल और डीजल की कीमत ₹100 के आसपास पहुंच गई है। 73 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बराबर हो गई। जिसके वजह से खाध पदार्थों से लेकर हर चीज की कीमतें बढ़ गई हैं।
खाद्य तेलों की कीमतों में भी 60 से 70% तक की बढ़ोतरी
कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा मई 2020 से मई 2021 के बीच खाद्य तेलों की कीमतों में भी 60 से 70% तक की बढ़ोतरी हुई है। सरसों तेल की कीमत 1 साल में ₹115 से बढ़कर ₹200 रुपये प्रति किलो,पाम आयल ₹50 से बढ़कर ₹138, सूरजमुखी तेल ₹100 से बढ़कर ₹175, वनस्पति डालडा ₹90 से बढ़कर ₹140 रुपये किलो और सोयाबीन तेल एक ₹100 से बढ़कर ₹155 पहुंच गई है जिसके वजह से पकौड़ा का धंधा भी मंदा पढ़ गया है, दाल की कीमतों में भी बेतहाशा वृद्धि हुई है चना दाल ₹70 से बढ़कर ₹90 किलो अरहर दाल ₹90 से बढ़कर ₹120 और मसूर दाल ₹65 से ₹90 हो गए हैं जिससे आम लोगों के रसोई पर व्यापक प्रभाव पड़ा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने कहा 1अप्रैल 2014 में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी ₹9.48 पैसे लिए जाते थे और आज जून 2021 में 32.90 वसूले जाते हैं और डीजल में 1 अप्रैल 2014 में 3.56 से जून 2021 में एक्साइज ड्युटी बढ़ाकर 31.80 रुपये हो गये हैं, वहीं रसोई गैस की कीमत 400 रुपये से बढ़ाकर 900 रुपये पहुंच गया है जिसके वजह से महिलाओं का बजट गड़बड़ा गया है।