द फॉलोअप टीम, रांची:
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने देश में काले कृषि कानून के खिलाफ पिछले सात महीने से अधिक समय से आंदोलनरत किसानों की मांग को दरकिनार कर भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं द्वारा खेतों में दिये जा रहे धरना-प्रदर्शन को नौटंकी करार दिया है। कांग्रेस ने भाजपा नेताओं द्वारा खेतों में जारी धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम को किसान आंदोलन में शहीद एक हजार किसानों का अपमान बताया है।
बीजेपी ने किसानों की शहादत का अपमान किया!
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और डॉ0 राजेश गुप्ता छोटू ने भाजपा के इस प्रदर्शन को काले कृषि कानून के खिलाफ शहादत देने वाले एक हजार किसानों का अपमान बताते हुए कहा कि दिल्ली के सीमा पर गाजीपुर, टिकरी समेत अन्य क्षेत्रों में किसान धरना प्रदर्शन पर बैठे, केंद्र सरकार किसानों की मांगों की अनदेखी कर रहे हैं, वहीं भाजपा नेता नौटंकी कर रहे हैं। अब वह दिन दूर नहीं जब निर्दयी, निष्ठुर और जुल्मी केंद्र सरकार के खिलाफ जनता सीधी कार्रवाई पर विवश होगी।
बीजेपी के कार्यकाल में कितनी खरीद की गई
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि पहले भाजपा नेताओं को यह बताना चाहिए कि उनके कार्यकाल में धान की कितनी खरीदारी हुई और कितनी राशि एमएसपी तथा बोनस के रूप में किसानों को दी गई। गठबंधन सरकार में 2020-21 में धान की रिकॉर्ड खरीदारी हुई। धान खरीद के लिए राज्य सरकार की नोडल एजेंसी झारखंड राज्य खाद्य निगम की ओर से वर्ष 2020-21 में 60.85 लाख टन धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य रखा गया थी जिसके विरुद्घ 62.41 लाख टन धान की खरीद की गयी जो 102 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। इसके एवज में राज्य सरकार को 943.21 करोड़ एमएसपी और बोनस के रूप में भुगतान करना था।
एफसीआई से राशि मिलने का इंतजार किया
उन्होंने कहा कि इसके एवज में राज्य सरकार की ओर से 568.50 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है और किसानों के पूर्ण भुगतान के लिए 374.71करोड़ की आवश्यकता है। जिसमें से एफसीआई के पास बकाया 180 करोड़ है। जैसे-जैसे एफसीआई से राशि प्राप्त हो रही है, वैसे-वैसे किसानों के भुगतान के लिए जिला को राशि उपलब्ध करा दी जा रही है। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से 290 करोड़ रुपये लोन लेकर किसानों के बकाया भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है और जल्द ही एक-एक पाई किसानों का चुकता हो जाएगा।
वादे के मुताबिक किसानों का ऋण भी माफ किया
लाल किशोरनाथ शाहदेव ने बताया कि गठबंधन सरकार ने अपने वायदे के मुताबिक 2 लाख 46 हजार 012 किसानो का कर्ज माफ किया है। कर्ज चुकाने के लिए राज्य सरकार की ओर से 980.06 करोड़ रुपये बैंकों को दिया गया है। बैंकों से मिले आंकड़ा के अनुसार कुल 9.02 लाख किसानों ने ऋण लिया है, जिसमें से अब तक 5.61लाख किसानों का डाटा अपलोड किया गया है। जल्द ही शेष किसानों की कर्ज माफी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ0 राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि धान खरीद के मसले पर नौटंकी करने वाले भाजपा नेताओं को यह पता होना चाहिए कि खरीफ विपणन मौसम 2020-21 में झारखंड राज्य खाद्य निगम द्वारा 21 जिलों में तथा भारतीय खाद्य निगम द्वारा 3 जिलों में धान की खरीदारी की गयी।
राज्य खाद्य निगम को इतने धान खरीद का लक्ष्य
राज्य खाद्य निगम को 44,85,000 क्विंटन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध 46,01,039 क्विंटल धान क्रय कर लिया गया, जो निर्धारित लक्ष्य का 102 प्रतिशत है। इस तरह से पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक धान की खरीदारी हुई और 943.21 करोड़ का भुगतान करना है। इसमें से अधिकांश राशि का भुगतान कर दिया गया है और भारतीय खाद्य निगम से 180 करोड़ रुपये का बकाया मिलने पर किसानों की शेष राशि का भी भुगतान कर दिया जाएगा।