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CBI का दावा, जानबूझकर जज उत्तम आनंद को मारी गई थी टक्कर, नशे में नहीं थे आरोपी 

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द फॉलोअप टीम, धनबाद:

जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की हत्या के मामले में सीबीआइ हर दिन बड़े खुलासे कर रही है। सीबीआइ ने सनसनीखेज दावा किया है कि ऑटो चालक था लखन वर्मा और उसके साथ बैठे राहुल वर्मा ने हत्या की मंशा से जज उत्तम आनंद को टक्कर मारा था। दोनों ने जानबूझकर मार्निंग वाक पर निकले जज को आटो से धक्का मारा। ऑटो पर ड्राइवर लखन का पूरा कंट्रोल था। उस वक्त कोई ट्रैफिक नहीं था, इसलिए आटो को अचानक बाईं ओर मोड़ने का कोई मतलब ही नहीं बनता था। 

ऑटो की गति कम नहीं हुई 
सीबीआइ ने बताया है कि धक्का मारने के बाद भी ऑटो की गति कम नहीं हुई जो एक साधारण व्यक्ति के स्वभाव से विपरीत है। चार्जशीट में सीबीआई ने यह भी दावा किया है कि सीएफएसएल नई दिल्ली के रसायन विभाग की रिपोर्ट में साफ कह दिया कि दोनों आरोपी के खून और मूत्र में रासायनिक जांच नेगेटिव थी। घटना के समय दोनों आरोपित नशे में नहीं थे। फॉरेंसिक साइकोलॉजी एसेसमेंट और पॉलीग्राफ टेस्ट में इस बात की पुष्टि हुई कि दोनों इस अपराध में शामिल थे। 

हत्या की मंशा थी 
सीबीआई ने दावा किया कि 27 जुलाई को लखन ने ऑटो को उसके मालिक के घर से निकाला था और राहुल के साथ निकला था। ऑटो लेकर दोनों पहले बलियापुर गए जहां उसके नंबर प्लेट को हटा कर फेंक दिया। फिर रात को ऑटो लेकर दोनों धनबाद स्टेशन पहुंचे। सीबीआई ने दोनों आरोपित के खिलाफ सामान्य आशय से टक्कर मारकर जज की हत्या करने और सबूत मिटाने के आरोप में चार्जशीट दायर की है।